फिरोजाबाद। जैन नगर स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को 663 वर्ष प्राचीन भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा 108 कलशों से महामस्तिकाभिषेक किया गया। इसी क्रम में शाम को महाआरती की गई। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
जैनमुनि श्री 108 सुरत्न सागर महाराज ससंघ के सानिध्य मे प्रथम बार 108 स्वर्ण कलशों से भगवान पार्श्वनाथ की प्राचीन प्रतिमा का महामस्तिकाभिषेक किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में पुजारी कैलाश चंद्र जैन द्वारा नित्य नियम पूजा की गई। इसके बाद सौधर्म इंद्र, कुबेर इंद्र, आदि सोलह इंद्र स्वरूपों ने श्रीजी का जलाभिषेक कराया।
मंदिर प्रांगण में दूरदराज से आए जिनभक्त जयकारे लगाते हुए संगीत की मधुर ध्वनि पर थिरकने लगे। विमल जैन ने श्रीजी की शांतिधारा की। संचालन राहुल जैन ने किया। शाम को 108 इंद्राणी स्वरूपों द्वारा भगवान की दीप अर्चना की गई। कार्यक्रम में प्रफुल्लित जैन, डेविड जैन, मनोज जैन, संजीव जैन, प्रिंस जैन, पिंटू भाई, पारस जैन, सिद्धार्थ जैन, नवनीत जैन, आदीश जैन, रजत जैन, हैप्पी जैन आदि उपस्थित रहे।