मथुरा पेशी से लौटते समय कुख्यात पंकज उर्फ भोला को छुड़ाने की पटकथा विष्णु पंडित ने लिखी थी। उसी ने वारदात में अपने सहित नौ अपराधियों को शामिल किया था। सभी अपराधियों को मोटी रकम देने का वादा कर घटना में शामिल किया था। उसने ही बाइक, तमंचे आदि उपलब्ध कराए थे।
अलीगढ़ के थाना गोंडा अंतर्गत गांव ढाटौली निवासी शार्प शूटर पंकज उर्फ भोला जाट को मथुरा से पेशी कर लौटने के दौरान विगत 27 मई की शाम उसके साथी पुलिस की आंखों में मिर्च झोंककर एवं फायरिंग कर भगा ले गए थे। इस दौरान पुलिस के जवान जय नरायन, सुभाषचंद्र, अमरजीत और अजीत सिंह घायल हो गये थे। कांस्टेबिल जय नरायन को गोली लगी थी। थाना पुलिस ने सुरीर पुलिस के सहयोग से वारदात में शामिल महेश और कन्हैया को गिरफ्तार किया है। इन दोनों की मानें तो विष्णु पंडित ने भोला को छुड़ाने की कहानी रची थी। सभी सदस्यों को मथुरा से पूर्व एक होटल पर बुलाया था। यहां मास्टरमाइंड विष्णु पंडित ने सभी को प्लान समझाया। मथुरा से आगरा के बीच प्लान फेल होने पर छलेसर झरना नाला अथवा एत्मादपुर ओवरब्रिज पर घटना को अंजाम देने की योजना तैयार की गई। विष्णु पंडित ने ही तीन बाइक उपलब्ध कराई। घटना में शामिल अजीत कुमार निवासी पिशावर थाना गोंडा, अलीगढ़ को अलीगढ़ पुलिस पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं जगवीर निवासी गांव कन्नू थाना गोंडा, अलीगढ़ को बुलंदशहर पुलिस जेल भेज चुकी है। लगातार बढ़ रहे पुलिस के दबाव को देखते हुए घटना में शामिल बॉबी सिंह निवासी गांव सिकतरी थाना गोंडा, अलीगढ़ और बंटू उर्फ विजय सिंह निवासी गांव ढाटौली थाना गोंडा, अलीगढ़ पुराने मुकदमों में कोर्ट में सरेंडर कर चुके हैं। वहीं महेश निवासी गांव नगला जयसिंह थाना सुरीर, मथुरा और कन्हैया निवासी गांव चंदवारा थाना सहपऊ, हाथरस हाल निवासी वन विभाग कालोनी सादाबाद, हाथरस को टूंडला पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। ऐसे में वारदात में शामिल छह अपराधी जेल जा चुके हैं। वहीं कुख्यात पंकज उर्फ भोला जाट, विष्णु पंडित, मोहित उर्फ कालिया निवासी गांव डिढौली थाना गोंडा अलीगढ़ और सीएम निवासी गांव चंद्रपुरा थाना सुरीर, मथुरा अभी भी पुलिस गिरफ्ज से दूर हैं।
एक मोबाइल से एक बार ही बात करता है विष्णु पंडित
शार्प शूटर पंकज उर्फ भोला को छुड़ाने वाला मास्टरमाइंड विष्णु पंडित भोला जाट का दाया हाथ माना जाता है। वह किसी से बात करने के लिए नए फोन और सिम का ही प्रयोग करता है। इसके बाद उसकी बैटरी, सिम और मोबाइल को तोड़कर अलग-अलग फेंक देता है। घटना के दिन भी उसने अलग-अलग मोबाइलों से बात की और तोड़ दिए।
कौन था आपरेशन के लिए पैसा उपलब्ध कराने वाला
अपराधी भोला जाट को छुड़ाने के लिए राया में एक युवक ने विष्णु पंडित को 20 हजार रुपए दिए थे। इस पैसे से सभी बदमाशों को खाना खिलाने, बाइकों में पेट्रोल डलवाने आदि पर खर्चा किया गया। पैसा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को पुलिस गिरफ्त में आए कन्हैया और महेश भी नहीं जानते।
भोला को छुड़ाने के बाद साथियों से मिला था विष्णु
कुख्यात अपराधी भोला को छुड़ाने के बाद विष्णु पंडित आपरेशन भोला के सफल होने के बाद वारदात में शामिल सदस्यों से मिला था। उसने घटना में उपलब्ध कराई बाइकों को वापस ले लिया था। इसके बाद उन्होंने जल्द ही पैसा उपलब्ध कराने का वादा भी किया था। महेश और कन्हैया के मुताबिक अभी तक उन्हें पैसा नहीं मिला है।