शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। असुआ गांव निवासी एक युवक ने बुधवार को खुद पर मिट्टी का तेल डाल कर आग लगा ली। इसके बाद खुद को लपटों में घिरा देख वह घबरा गया और जान बचाने की गुहार लगाते हुए अपने घर की छत से छलांग लगा दी।
युवक को देखकर दौड़े ग्रामीण आग बुझाकर उसे तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल ले गए। जहां युवक ने दम तोड़ दिया। युवक छह बहनों में इकलौता भाई था। उसके मां-बाप की भी मौत हो चुकी है। वह पंजाब में माली का काम करता था। चार दिन पहले ही गांव लौटा था। आग लगाने का कारण फिलहाल स्पश्ट नहीं है।
शिकोहाबाद के असुआ गांव निवासी सैंकी (26) पुत्र निरोत्तम सिंह छह बहनों के बीच में इकलौता भाई था। सभी बहनों की शादी होने और मां-बाप की मौत के बाद सैंकी पंजाब में अकेला रह कर माली का काम कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार चार दिन पूर्व सैंकी पंजाब से घर आया था। बुधवार दोपहर एक बजे के करीब सैंकी आग की लपटों से घिरा हुआ छत पर चढ़ गया।
उसे आग से घिरा देखा तो लोगों में खलबली मच गई। जान बचाने की गुहार लगाते हुए छलांग लगा दी। उसके गिरते ही दौड़े ग्रामीणों ने उसकी आग बुझाई, लेकिन तब तक 90 प्रतिशत तक झुलस चुका था। ग्रामीण गंभीर रूप से झुलसे युवक को एंबुलेंस से अस्पताल ले गए। इमरजेंसी में तैनात स्टाफ ने गंभीर रूप से झुलसे युवक को प्राथमिक उपचार के बाद सरकारी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
बताया जाता है कि युवक अकेला रहने से अवसाद में था और नशे का भी आदी हो गया था। इसी के चलते उसने खुद को आग के हवाले कर जीवन लीला समाप्त कर ली। शव को अस्पताल स्टाफ ने पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया है। पुलिस युवक की बहनों और रिश्तेदारों का इंतजार कर रही है।