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एक किलो गेहूं के स्थान पर दी गई मक्का, लोगों को नही आयी रास

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सूलपुर पानी की टंकी के सामने राशन की दुकान से राशन लेने के लिए लगी महिलाओं की कतार - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। राशन की दुकानों पर शुक्रवार से गेहूं, चावल के साथ मक्का का वितरण भी शुरू हो गया। राशन लेने दुकानों पर पहुंचे कार्डधारकों को मक्का रास नहीं आई। लेकिन गेंहू की मात्रा कम होने पर उनको मजबूरन मक्का लेनी पड़ी।
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शुक्रवार को राशन की दुकानों पर राशन वितरण शुरू हो गया। नई बस्ती, मोहल्ला कोटला, रसूलपुर, हुंडावाला बाग, लालपुर, आसफाबाद, कोटला चुंगी के साथ अन्य स्थानों पर राशन की दुकानों पर कार्डधारक लाइन में लगे नजर आए। इस बीच राशन डीलरों द्वारा शासन की व्यवस्था के तहत कार्डधारकों को गेहूं और चावल के साथ मक्का का वितरण किया जा रहा था। पहले तो लोगों ने मक्का लेने से मना कर दिया। राशन डीलर ने कार्डधारकों को बताया कि मक्का गेहूं के स्थान पर मिल रही है। पहले एक यूनिट पर जहां तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल मिलता था। अब तीन के स्थान पर दो किलो गेहूं के साथ एक किलो मक्का और दो किलो चावल मिल रहा है।
चावल में कर देते कटौती तो ठीक था
रसूलपुर निवासी पप्पू का कहना था कि गेहूं के स्थान पर यदि चावल की कटौती कर दी जाती तो कोई दिक्कत नहीं होती। छह यूनिट पर 18 किलो गेहूं और दस किलो चावल से पूरे माह कोई दिक्कत नहीं आती थी। मक्के का आटा परिवार में कोई नहीं खाता। अब मौसम भी नहीं है। गेहूं कम होने से दिक्कत होगी।
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एक यूनिट काट दिया, अब जोड़ नहीं रहे
नीबू वाला बाग निवासी रजत कुमार का कहना है कि लॉकडाउन के बाद एक यूनिट कम कर दिया गया। पांच यूनिट पर ही राशन मिल रहा है। जिस भाई का नाम कार्ड से काटा गया है। उसका नाम जुड़वाने के लिए विभाग को सभी दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए गए। लेकिन अभी तक नाम नहीं जुड़ सका है।
मक्का कौन खाएगा
रसूलपुर निवासी भगवानदेवी का कहना है कि सात यूनिट पर 35 किलो गेहूं और 14 किलो चावल मिलने से काफी राहत थी। इस बार 28 किलो गेहूं, सात किलो मक्का और 14 किलो चावल दिया है। गेहूं की कटौती होने से रसोई का बजट खराब हो जाएगा। बच्चे चावल और मक्का नहीं खाते।
पांच किलो गेहूं की कर दी कटौती
लालपुर निवासी प्रेमलता का कहना है कि मक्का की रोटी किसी को अच्छी नहीं लगती। जो मक्का मिली है, उसको किसी न किसी अन्य कार्य में प्रयोग में लाया जाएगा। क्योंकि मक्का के कारण इस बार पांच किलो गेहूं कम मिला है। जिससे दिक्कत होगी।
ई-पॉस मशीन में नहीं की फीडिंग
राशन की अन्य दुकानों से जो कार्डधारक राशन लेने आ रहे हैं, उनको मक्का नहीं मिल पा रही। क्योंकि ई-पॉस मशीन में उनके लिए मक्का की फीडिंग नहीं हो पा रही। मक्का का वितरण केवल उन्हीं कार्डधारकों को किया जा रहा है जो संबंधित दुकान से पहले से जुड़े हैं।
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