आगरा, मैनपुरी, इटावा और एटा परमिट के ऑटो सुहागनगरी में संचालित हो रहे है।इससे रोडवेज विभाग को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, टूंडला और सिरसागंज परमिट के जिले में 4525 ऑटो पंजीकृत हैं।इसके बाद भी टूंडला परमिट के ऑटो शहर में संचालित किए जा रहे हैं।
फिरोजाबाद। आगरा, मैनपुरी, इटावा और एटा परमिट के ऑटो सुहागनगरी में संचालित हो रहे है। ऑटो चालक जहां क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाकर हाईवे और जिले के संपर्क मार्गों पर फर्राटे भरते दिखाई दे रहे हैं। वहीं किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। विभागीय अफसरों द्वारा कार्रवाई किए जाने के बाद भी इनका संचालन नहीं रुक पाता। इससे रोडवेज विभाग को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।
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शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, टूंडला और सिरसागंज परमिट के जिले में 4525 ऑटो पंजीकृत हैं। ऑटो के संचालन को रूट भी निर्धारित है। इसके बाद भी टूंडला परमिट के ऑटो शहर में संचालित किए जा रहे हैं। इससे ट्रैफिक व्यवस्था पर तो प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही यह ऑटो जिले की सीमा से बाहर आगरा, इटावा, जसवंतनगर, मैनपुरी, अरॉव के साथ घिरोर व एटा तथा जलेसर तक सवारियों को पहुंचाने और लाने का काम भी कर रहे हैं। पिछले दिनों सहायक संभागीय परिवहन विभाग द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान करीब 25 ऑटो को बंद कराने के साथ ही उनसे जुर्माना वसूल भी किया था।
इसके बाद भी जिले के ऑटो जहां आसपास के जिलों तक जा रहे हैं। वहीं आसपास के जिले के ऑटो भी सुहागनगरी में सवारियां लेकर आ रहे हैं जो शहर की यातायात व्यवस्था को खराब तो कर रहे हैं। साथ ही किसी दिन बड़े हादसे का कारण भी बन सकते हैं। क्योंकि इन ऑटो में सात से आठ सवारियां बैठी होती हैं। सवारियों की संख्या अधिक होने से ऑटो चालकों को वाहन चलाते समय दिक्कत भी होती है। यह ऑटो पुलिस की नजरों के सामने फर्राटे भरते है।