शिकोहाबाद। महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव पर मंगलवार को महाराजा अग्रसेन की शोभायात्रा नगर बैंडबाजों के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में अग्र समाज की महिलाओं, पुरुषों के साथ ही बच्चे सम्मिलित हुए।
बड़ा बाजार स्थित काली देवी मंदिर से महाराजा अग्रसेन की शोभायात्रा प्रारंभ हुई। श्री अग्रवाल मंडल कमेटी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल व अन्य ने महाराज अग्रसेन की आरती उतारकर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। शोभायात्रा में सबसे आगे बैंड धार्मिक धुन बजाता चल रहा था। उसके बाद तोप फूलों की वर्षा करती हुई चल रही थी। अग्र समाज की महिलाएं, युवतियां महाराज अग्रसेन की जय-जयकार करते हुए चल रहीं थीं। एक भव्य रथ पर महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा विराजमान थी। बड़ा बाजार में व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने पुष्पों की वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया साथ ही शोभायात्रा में शामिल महिलाओं को उपहार देकर कर सम्मान किया। नारायण तिराहा पर अग्रवाल मंडल द्वारा शोभायात्रा का शिविर लगाकर अभिनंदन किया गया। सभी श्री अग्रवाल मंडल तथा श्री अग्रवाल धर्मशला कमेटी के पदाधिकारियों व समाज के गणमान्य नागरिकों का माल्यार्पण कर व पट्टिका पहनाकर अभिनंदन किया गया। मुख्य डोले के आगे अग्रवाल मंडल के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष रोहित अग्रवाल व समस्त पदाधिकारी, अग्रवाल धर्मशाला कमेटी के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, प्रबंधक विजय अग्रवाल, शोभित अग्रवाल, मनु अग्रवाल, मनीष मित्तल, दीपा शंकर अग्रवाल, संजीव अग्रवाल चल रहे थे। कटरा बाजार में उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष सरदार हरचरन सिंह चन्नी ने पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। शोभायात्रा का कटरा बाजार व बड़ा बाजार के दुकानदारों ने भी स्वागत किया। शोभायात्रा अग्रवाल धर्मशाला पहुंची। जहां पर अग्र समाज के लोगों ने पुन: आरती उतारी। इससे पूर्व सुबह पांच बजे प्रभात फेरी निकाली गई। इसके बाद सुबह नौ बजे हवन का आयोजन किया गया।
शोभायात्रा के मार्ग में बने सैकड़ों स्वागत द्वार
शिकोहाबाद (ब्यूरो)। महाराजा अग्रसेन की शोभायात्रा का स्वागत करने के लिए नगर में विभिन्न संगठनों ने सैकड़ों स्वागत द्वार बनवाए। इस अवसर पर दोनों बाजारों को आकर्षक रूप से सजाया गया था। मार्ग में ठंडे जल व अन्य खाद्य पदार्थों का वितरण कर शोभायात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किया गया। नगर पालिका द्वारा मार्ग में चौराहों व तिराहों पर रंगोली बनवाई गई थीं।