जिले में मालभाड़ा कारीडोर का निर्माण कार्य काफी तेज गति से चल रहा है। पुलियों का निर्माण होने के साथ अब लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया। लाइन का काम पूरा होने के बाद मशीनों के जरिए जांच होगी। इसके बाद ही मालवाहक ट्रेनों का संचालन होगा।
दिल्ली हावड़ा रूट पर ट्रेनों का दबाव होने के कारण काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। क्योंकि प्रमुख ट्रेनों का संचालन समय से नहीं हो पाता था। केंद्र सरकार ने इसी कारण इसके सहारे ही मालभाड़ा कारीडोर बनाने का फैसला लिया था। ताकि ट्रेनों के संचालन में कोई दिक्कत न रहे। इस कॉरीडोर को इस लाइन के सहारे ही निकाला है। क्योंकि कोई दिक्कत आने पर रूट डायवर्ट किया जा सके। जिले में मालभाड़ा कारीडोर का निर्माण काफी तेज गति से चल रहा है। वर्ल्ड बैंक के सहयोग से बनाए जा रहे मालभाड़ा कारीडोर का निरीक्षण पिछले दिनों आई बैंक की उपाध्यक्ष लौहरा टक ने भी किया था। उन्होंने निर्माण कार्य की गति काफी ही तेज होने पर खुशी जाहिर की थी। जिले में लाइन के पत्थरों के बिछाने के बाद अब लाइन बिछाने का काम काफी तेजी से शुरू हो गया। आधुनिक मशीनों को लाइन डालने और उसे तराशने का काम मशीनों से किया जा रहा है। दौंकेली के साथ मक्खनपुर के करीब काम काफी ही तेजी से हो रहा है। अधिकांश स्थानों पर अंडरपास बन जाने के साथ ही लाइन बिछाई जा रही है। एडीएम उदय सिंह का कहना है कि लाइन बिछाने का काम हो रहा है।