मौसम विज्ञान केंद्र के अभाव में किसानों के साथ ही जनपद की आम जनता को मौसम के मिजाज की जानकारी नहीं हो पाती है। किसान कई बार इसके ही कारण भारी नुकसान उठाते हैं। जिले में कृषि ज्ञान केंद्र तो स्थापित है लेकिन मौसम विज्ञान केंद्र की अभी तक दरकार है।
सुहागनगरी को जिला बने ढाई दशक हो चुका है। विकास की चाल भले ही अन्य जनपदों की अपेक्षा कुछ तेज हो लेकिन कई मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जिला आज भी जूझ रहा है। यहां मौसम विज्ञान केंद्र के अभाव में मौसम की कोई जानकारी नहीं हो पाती है। जिले में बारिश मापक यंत्रों की स्थापना भी मात्र तीन तहसीलों में ही है। टूंडला तहसील की बारिश का आंकलन आज भी सदर तहसील में होने वाली बारिश मापक यंत्र से होती है। फीरोजाबाद एवं टूंडला के मध्य की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी राम संजीवन यादव ने बारिश मापक यंत्रों को तहसीलों के साथ ही सभी नौ ब्लाकों में लगाने का शासन को प्रस्ताव भेजा था। हालांकि प्रस्ताव पर आज तक मुहर नहीं लगी। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने कहा कि मौसम विज्ञान केंद्र का होना जिले के लिए आवश्यक है। इसका बड़ा कारण कांच उद्योग के साथ ही किसानों को सटीक जानकारी मौसम विज्ञान केंद्र से मिलेगी। वर्तमान में लखनऊ आगरा अथवा मीडिया के माध्यम से बारिश के होने अथवा आंधी के चलने की जानकारी हो पाती है।
मौसम विज्ञान केंद्र, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला एवं रेडियो स्टेशन की स्थापना कृषि ज्ञान केंद्र हजरतपुर में होना प्रस्तावित है। हालांकि अभी इसमें समय लगेगा। फिलहाल लखनऊ अथवा आगरा से ही सूचनाएं लेकर किसानों को जानकारी दी जाती है।
डा.ओंकार सिंह यादव
प्रभारी कृषि ज्ञान केंद्र हजरतपुर फीरोजाबाद