फिरोजाबाद। फाइलों में कैद चूड़ी उद्योग की ब्रांडिंग व लोगो तैयार कराने की योजना जल्द धरातल पर दिखेगी। कांच की चूड़ियों को सरकारी ब्रांडिंग और लोगो का इंतजार संबंधी खबर 29 अक्तूबर को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद इस मांग की गूंज शासन तक पहुंच गई है। शासन के निर्देशों के बाद मंगलवार को उपायुक्त उद्योग ने कांच चूड़ी उद्यमियों संग बैठक की। सभी से चूड़ी की ब्रॉडिंग व लोगो के संबंध में सुझाव मांगे।
इंवेस्टर समिट 2023 के दौरान शहर के परंपरागत कांच चूड़ी उद्योग को बढ़ावा देने को जरूरी मंथन हुआ। विभागीय मंत्री और उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में कांच चूड़ी की ब्रॉडिंग और लोगो तैयार कराने पर सहमति बनी। मंगलवार को उपायुक्त उद्योग संध्या सिंह ने कांच उद्यमी संगठन द ग्लास सिंडिकेट के चेयरमैन हनुमान प्रसाद गर्ग,इंडस्ट्रीरियल कॉपरेटिव सोसायटी के बिन्नी मित्तल एवं मॉइनोरिटी ग्लास एसोसिएशन के अध्यक्ष पारसा संग बैठक की। बैठक के दौरान कांच चूड़ी के लोगो तैयार कराने उद्यमियों से सुझाव मांगे गए। सरकारी प्रयासों से डिजीटल मार्केटिंग को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई।इसके अलावा देश-विदेश में आयोजित होने वाले व्यापार मेला में चूड़ी की स्टॉल के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। बैठक में सहायक श्रमायुक्त यशवंत कुमार, हिमांशु पाराशर, संजय जैन घंटू आदि उद्यमी भी मौजूद रहे।
पड़ोसी देशों में चूड़ी का होगा प्रचार-प्रसार
हिंदू बहुल नेपाल, भूटान के अलावा पाकिस्तान में चूड़ी का चलन है। इसके अलावा जिन देशों में प्रवासी भारतीयों की संख्या ज्यादा है वहां के व्यापार मेले में स्टॉल लगाने वाले चूड़ी उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
चूड़ी उद्योग का लोगो तय करने एवं प्रचार-प्रसार के लिए उद्यमियों के सुझाव मांगे हैं। युवा वर्ग को चूड़ी का धार्मिक-सामाजिक महत्व समझाया जाएगा। प्रचार प्रसार के लिए भी कार्य योजना बनाएंगे। - संध्या सिंह उपायुक्त उद्योग