धीरपुरा क्षेत्र में अमेठी से मजदूरी करने आए मजदूर।
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फिरोजाबाद। लॉकडाउन ने लोगों के सामने रोटी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। काम-धंधे बंद हैं। लोगों को चिंता है कि घर का चूल्हा कैसे जलेगा। इसको लेकर लोग सुबह से ही काम की तलाश में घरों से निकल रहे हैं। कोई गली मोहल्लों में कचौड़ी की ठेल लगाने को विवश है, तो कोई जूता-चप्पल ठीक कराने की आवाज लगाता गली-मोहल्लों में दिखाई दे रहा है।
शहर के शिवाजी मार्ग निवासी रवि कुमार पुत्र जगदीश का कहना है कि उनके तीन बेटियां और पत्नी है। रोज कमाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। तीन दिन से बाजार बंद पड़ा है। घर से नहीं निकल पा रहे। आज आटा नहीं था, तो सोचा था, काम मिल जाएगा, तो बाजार से आटा खरीदकर शाम को खाने का इंतजाम हो जाएगा। इसलिए सुबह सात बजे ही घर से निकल आए थे।
लेकिन शनिवार को काम इतना मिल गया कि आज का गुजारा हो जाएगा। कल फिर देखेंगे। इस तरह का दर्द सिर्फ रवि कुमार का नहीं शहर के मोहल्ला कृष्णानगर, रहना, नगला विश्नू, शिवाजी मार्ग, ककरऊ कोठी के आसपास रहने वाले तमाम मजदूर परिवारों का है।