आंधी ने सोमवार रात बिजली का फ्यूज उढ़ा दिया। ग्रामीण क्षेत्र में 35 विद्युत पोल टूट गए। वहीं तीन विद्युत सब स्टेशनों की आपूर्ति बाधित हो गई। विभाग को करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ। वहीं गांवों में बिजली आपूर्ति न होने के कारण पेयजल संकट खड़ा हो गया। टूटे पोलों के साथ विद्युत तारों को ठीक करने के लिए मंगलवार को दिन भर विद्युत कर्मचारी कार्य करते नजर आए।
सोमवार रात हल्की बूंदाबंदी के बीच आई आंधी ने देहात क्षेत्र में कोहराम मचा दिया। ककरऊ, ढोलपुरा, जाखई, सैलई, गौंछ, जाखई, शेखूपुर, जलोपुरा और यूपीएसआईडीसी सहित अन्य गांवों में विद्युत पोल टूट कर जमीन पर गिर पड़े। इसके चलते विभाग को करीब 1.60 लाख रुपये का नुकसान हुआ। वहीं विद्युत तार टूटने से करीब 40 लाख रुपये की क्षति हुई। कुल मिलाकर सोमवार की आंधी ने विभाग को दो लाख रुपये का नुकसान दिया। इसके चलते औद्योगिक क्षेत्र, लालऊ, रैपुरा विद्युत सब स्टेशन रात भर बंद रहा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विद्युत पोल और तार टूटने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति करीब 14 घंटे बाधित रही। तारों को ठीक कराने और पोलों को दोबारा लगाने के लिए दिन भर विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कार्य करते नजर आए। वहीं शहरी क्षेत्र के रैपुरा में 33 हजार की लाइन बाधित हो गई। वहीं दुर्गानगर में टावर गिरने से हाईटेंशन लाइन बाधित हुई। इसके चलते शहरी क्षेत्र के कई मोहल्लों में रात भर अंधकार छाया रहा।