फिरोजाबाद। बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल संचालक संजीदा नहीं हैं। जिले के 430 स्कूली वाहन ऐसे हैं, जिनके पास फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं है। इस संबंध में स्कूल संचालकों को एआरटीओ प्रवर्तन की ओर से परमिट को निलंबित कर दिया है और वाहन स्वामियों को नोटिस भेजा गया है। अब सड़क पर दिखने पर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 27 जुलाई से स्कूल खुलने थे, हालांकि अवकाश बढ़ा दिए गए। ऐसे में तीन जुलाई से स्कूल खुलने हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन वाहन की फिटनेस को लेकर गंभीर नहीं हैं। एक बार फिर से बिना फिटनेस प्रमाण पत्र वाले वाहनों को नोटिस भेजकर दो जुलाई से पहले फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने को कहा गया है। ऐसा नहीं कराने पर चेकिंग के दौरान वाहनों की सीज कर बच्चों को उनके घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आरटीओ, पीटीओ व एआरटीओ प्रबर्तन की होगी। दरअसल, कोरोना में दो साल तक वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र से राहत मिल गई थी। काफी दिनों तक स्कूल बंद रहे। खुले भी तो विभाग ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। इसकी वजह से स्कूल संचालकों ने ध्यान नहीं दिया। ऐसे में लोगों का कहना है कि विभाग भी फिटनेस के नाम पर खानापूर्ति करता है। जो वास्तव में फिट नहीं हैं, उनको भी प्रमाण पत्र दे देता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बगैर फिटनेस प्रमाण पत्र के बच्चों को लेकर सड़क पर दौड़ लगाने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तीन जुलाई से पहले कार्रवाई से बचने के लिए सभी वाहन प्रमाण पत्र बनवा लें।
राजेश कर्दम, एआरटीओ