फिरोजाबाद। शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में वर्ष 2015 में मैनपुरी के सुनील कुमार उर्फ रिंकू अपहरण और हत्याकांड में एडीजे -1 नीलू मोघा की अदालत ने मंगलवार को मुख्य आरोपी राजू यादव को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं साक्ष्य के अभाव में सह-अभियुक्त अजय यादव उर्फ एसपी को दोषमुक्त कर दिया गया।
मैनपुरी के थाना कुर्रा के बेगमपुर, करहल निवासी कृष्ण मुरारी ने आरोप लगाया था कि उनके पुत्र सुनील कुमार उर्फ रिंकू का गांव के पास मिट्टी सप्लाई के कारोबार में राजू यादव निवासी नगला वैश्य, सैफई, इटावा व जगवीर के साथ लेनदेन का हिसाब था। 21 अप्रैल 2015 की सुबह राजू यादव और जगवीर, सुनील को अपनी कार में सैफई ले जाने की बात कहकर घर से साथ ले गए थे। इसके बाद 28 अप्रैल को शिकोहाबाद क्षेत्र में नौशहरा पुल के पास अज्ञात अवस्था में सुनील का शव बरामद हुआ था। साथ ही पेट्रोल पंप पर सुनील कुमार की कार खड़ी मिली थी। पेट्रोल पंप स्वामी ने अजय यादव उर्फ एसपी निवासी नगला नवन उर्फ भूतन, जसवंतनगर, इटावा द्वारा कार खड़ी किए जाने की बात कही थी। इस पर पुलिस ने राजू यादव, जगवीर और अजय यादव उर्फ एसपी के खिलाफ अपहरण, हत्या, साक्ष्य छिपाने और साजिश के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। कोर्ट में चार्जशीट अजय यादव और राजू यादव के खिलाफ दाखिल की गई थी। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर राजू यादव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 65 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की आधी राशि मृतक के पिता को अदा किए जाने का आदेश भी कोर्ट ने सुनाया है।
न्यायालय ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि पेट्रोल पंप मालिक (प्रिंस), जिसने कथित तौर पर अजय को गाड़ी छोड़ते देखा था, उसे अदालत में बतौर साक्षी परीक्षित नहीं कराया गया, जिससे अभियोजन अजय पर लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।