हत्या के मामले में दोषी चार आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश पीके जैन ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
थाना लाइनपार क्षेत्र के गांव गुदाऊ निवासी फाल सिंह यादव द्वारा 20 मार्च 2013 को अपने भाई मोती सिंह के साथ कोर्ट से तारीख कर घर जा रहा था। दोनों भाई श्याम सिंह और किताब सिंह के मकान के समीप पहुंचे तो जितेंद्र, कालीचरन, संजय और गंगा सिंह ने हमला बोल दिया। चीखपुकार सुनकर परिवारीजनों के साथ आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुुंच गए। तभी जितेंद्र ने भाई मोती सिंह पर गोली चला दी। इससे वह घायल हो गया।
गोली लगते ही मोती सिंह मौके पर ही गिर गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, यहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने फाल सिंह की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रघुराज सिंह यादव ने आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य और गवाह पेश किए। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी पीके जैन ने आरोपी संजय, जितेंद्र, कालीचरन और गंगा सिंह को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए पांच-पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि अदा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास काटना होगा।