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आंधी का कहर: निर्माणाधीन दीवार और लोहे का गेट गिरने से मजदूर की मौत, पत्नी और बेटी गंभीर घायल

Wed, 10 Jun 2026 07:29 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत बचाव के लिए दौड़े और मलबे को हटाकर तीनों को बाहर निकाला। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद कालीचरन को मृत घोषित कर दिया।
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आंधी में गिरी दीवार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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फिरोजाबाद के नारखी में मंगलवार रात आई तेज आंधी एक परिवार के लिए काल बन गई। थाना नारखी क्षेत्र के गांव नगला सेमरिया में आंधी में एक निर्माणाधीन दीवार और उसके सहारे खड़ा लोहे का भारी-भरकम गेट चारपाई पर बैठे परिवार पर गिर गया। हादसे में मलबे के नीचे दबकर एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर बुधवार को परिजनों को सौंपा। वहीं घायलों का ट्रॉमा सेंटर में उपचार चल रहा है।
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नगला सेमरिया निवासी कालीचरन (55), उनकी पत्नी रेनू (50) और बेटी करिश्मा मंगलवार रात अपने घर के आंगन में दीवार के सहारे चारपाई डालकर बैठे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और धूलभरी तेज आंधी चलने लगी। आंधी इतनी तीव्र थी कि तीनों को चारपाई से उठकर कमरे के अंदर जाने तक का मौका नहीं मिला। तभी अचानक करीब सात-आठ फीट ऊंची निर्माणाधीन दीवार लोहे के भारी गेट समेत उनके ऊपर भरभरा कर गिर गई।

 
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हादसा होते ही घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत बचाव के लिए दौड़े और मलबे को हटाकर तीनों को बाहर निकाला। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद कालीचरन को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल रेनू और बेटी करिश्मा को डॉक्टरों ने भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। नायब तहसीलदार शिवम शर्मा तुरंत ट्रामा सेंटर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव प्रशासनिक मदद का भरोसा दिया।

आर्थिक तंगी के कारण रुका था काम, वही बना काल
मृतक के बेटे सर्वेश ने बताया कि रुपयों की किल्लत के कारण घर की दीवार का काम फिलहाल रुकवा दिया गया था। इसी वजह से लोहे का भारी गेट भी अभी पूरी तरह लगा नहीं था और वह दीवार के सहारे ही खड़ा करके रखा गया था, जो तेज आंधी का दबाव नहीं झेल सका। कालीचरन अपने पीछे चार बेटे और दो बेटियों का रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। हादसे की जानकारी मिलने पर पुणे में काम करने वाला बेटा विजय और नोएडा में रहने वाला बेटा रवि गांव के लिए रवाना हो गए हैं।


 
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