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अपहृत छात्र की हत्या कर शव नहर में फेंका

Sat, 07 Nov 2015 07:43 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
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रितिक के अपहरण के बाद उसकी हत्या शव को नगला धारू की नहर में फेंक दिया। पुलिस गिरफ्त में आए रितिक के दोस्तों ने जैसे ही यह सच्चाई बताई परिवारीजनों में कोहराम मच गया। आक्रोशित व्यापारियों ने बाजार बंद कर थाने का घेराव किया। उन्होंने लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए एसओ को निलंबित करने की मांग की। वहीं पुलिस और पीएसी के गोताखोरों ने शनिवार को नहर में छात्र की तलाश की लेकिन देर शाम तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
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बता दें कि एका कस्बे के निवासी व्यापारी संजीव गुप्ता के 12 वर्षीय पुत्र रितिक गुप्ता का अपहरण 28 अक्तूबर को किया गया था। दोस्त ने फोन कर रितिक गुप्ता को कसबे के चौराहे पर बुलाया था। छात्र की बरामदगी को लेकर व्यापारियों ने धरना प्रदर्शन और हंगामा किया। विधायक जसराना रामवीर सिंह के आश्वासन पर व्यापारी माने थे। घटना की जांच के दौरान पुलिस ने दो छात्रों को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने रितिक के दोस्त विकास और  उसके साथी पुनीत निवासी नगला फरैला थाना एका से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया कि रितिक की हत्या कर शव नगला धारू की नहर में फेंक दिया है।

यह सुनते परिवारीजनों में कोहराम मच गया। हालांकि वह इसे मानने को तैयार नहीं है। दूसरी तरफ क्षेत्र के व्यापारियों को इसकी जानकारी हुई तो उनमें आक्रोश फेल गया। बढ़ी संख्या में व्यापारी बाजार बंद कर थाने पहुंच गए। घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने एसओ के निलंबन की मांग की। मामला बढ़ता देख कई थानों का पुलिस फोर्स बुला लिया गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम जसराना अमित सिंह ने लोगों को समझाया और गोताखोरों से नहर में तलाश शुरू करा दी। देर शाम तक गोताखोर नहर में रितिक के शव की तलाश करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली।
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पंचायत चुनाव के चलते नहीं दिखाई गंभीरता
व्यापारियों का कहना था कि पंचायत चुनाव के चलते पुलिस ने सक्रियता नहीं दिखाई। यदि पुलिस शुरूआत से मामले में गंभीर रुख अपनाती तो रितिक को बरामद कर लिया जाता।

वीडियो क्लीपिंग बनाई
पुलिस हिरासत में आए विकास और  उसके साथी पुनीत की माने तो वह रितिक के पिता से फिरौती की रकम वसूलना चाहते थे लेकिन राज खुल जाने के डर से वह रितिक को नगला धारू की नहर पर ले गए थे। यहां उसके हाथ पैर बेल्ट से बांध कर पानी में डुबो दिया। इससे पूर्व उसकी वीडियो क्लीपिंग भी बनाई गई थी, जिसको रितिक के पिता को सुनाने के साथ ही उनसे फिरौती की रकम वसूल की जा सके।

यह सामान किया बरामद
नगला धारू नहर के समीप से पुलिस ने एक बेल्ट, पर्स और मोबाइल फोन की चिप बरामद की है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह पर्स और बेल्ट रितिक की हो सकती है, जबकि चिप को पुलिस ने सार्वजनिक नहीं किया है। माना जा रहा है कि चिप में कहीं रितिक के साथ किया गया घटनाक्रम तो कैद नहीं है।


नहीं की गई मेरे बेटे की हत्या: संजीव
रितिक के पिता संजीव गुप्ता का कहना है कि उनके बेटे की हत्या नहीं की गई, पुलिस ने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें विकास की उम्र करीब 14 साल है, जबकि पुनीत की उम्र 18 साल है। इतनी कम उम्र के दो लोग उसके बेटे का अपहरण कर हत्या नहीं कर सकते। पुत्र रितिक आज भी जीवित है। वह बदमाशों के चंगुल में फंसा हुआ है।

रितिक अपहरणकांड में दो दोस्तों को शुक्रवार रात हिरासत में लिया गया था। उनसे पूछताछ करने के बाद ही नगला धारू की नहर में रितिक के शव की तलाश कराई गई थी। अभी पूछताछ की जा रही है, अन्य आरोपियों के नाम भी प्रकाश में आए हैं, उनकी तलाश की जा रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं किया जा  सकता कि रितिक की हत्या हुई है या फिर नहीं। घटना का खुलासा जल्द किया जाएगा।
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थानाध्यक्ष एका जनवेद सिंह यादव
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