फिरोजाबाद। जनपद में किसानों की खतौनी में व्याप्त त्रुटियों को दूर करने के लिए शुरू किया गया अंश संशोधन अभियान विभागीय उदासीनता के कारण अधर में लटक गया है। राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा के सख्त निर्देशों के बावजूद, तहसील प्रशासन और लेखपालों ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हालत यह है कि अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के एसआईआर कार्यों में व्यस्त हैं, जिसके चलते सुधार अभियान केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है।
खतौनी में खामियों के कारण किसान न केवल सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं, बल्कि उनकी फार्मर रजिस्ट्री तक नहीं हो पा रही है। शासन के स्पष्ट निर्देश थे कि लेखपाल ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकें करेंगे और सार्वजनिक रूप से नाम पढ़कर त्रुटियों में सुधार करेंगे, लेकिन धरातल पर न तो जागरूकता बैनर लगे और न ही कोई बैठक आयोजित की गई। कृषि विभाग के अधिकारी जब किसानों से संपर्क कर रहे हैं, तो बड़े स्तर पर सुधार की आवश्यकता सामने आ रही है। फिलहाल, परेशान किसान सुधार के लिए तहसील कार्यालयों और लेखपालों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।