श्री हनुमान जयंती महोत्सव समिति की ओर से रामलीला मैदान में आयोजित भजन संध्या में गोविंद भार्गव के भजनों पर श्रद्धालु झूमने को विवश हो गए। राधे-राधे के जयकारों से पूरा पंडाल गुंजायमान हो उठा।
रामलीला मैदान प्रांगण में आयोजित श्रीरामकथा में बुधवार शाम प्रख्यात भजन गायक गोविंद भार्गव की भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन संध्या का शुभारंभ कथा व्यास श्री अयोेध्या धाम से पधारे अशर्फी भवन के पीठाधीश्वर 1008 जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री धराचार्य जी महाराज मंदिर के महंत पंडित जगजीवन राम मिश्र इंदौजी महाराज ने श्री राम दरबार एवं हनुमान जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इसके बाद कथा स्थल राधे-राधे के जयकारों से गूंजने लगा। जय-जय राम लला, जय जानकी, जय लक्ष्मण एवं जय बजरंग बली... के बोल से भजन संध्या की शुरूआत हुई तो देर शाम तक माहौल भक्तिमय रहा। गोविंद भार्गव ने अपने बहुचर्चित भजन कन्हैया ले चल पल्ली पार...। जहां विराजे राधारानी, अलबेली सरकार....। सुनाकर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। भजन सम्राट गोविंद भार्गव का सम्मान मुख्य अतिथि रामकुमार गुप्ता ने माल्यार्पण और दुपट्टा पहनाकर किया। इस मौके पर मंदिर महंत पंडित जगजीवन राम मिश्र इंदौजी महाराज, अयोध्या धाम से आए बाल रामायणी अभिराम शास्त्री भी मौजूद थे।
श्रीराम के भजन सुनने से मिलती है शक्ति-श्रीधराचार्य
फिरोजाबाद (ब्यूरो)। रामलीला मैदान में आयोजित श्रीराम कथा में अशर्फी भवन के पीठाधीश्वर श्रीधराचार्य महाराज ने केवट राम संवाद, भरत मिलन का मार्मिक वर्णन किया। कहा कि भगवान राम का चरित्र अपार ह, जिसको कभी देखा नहीं जा सकता। उनके नाम को सुनने, भजन करने से मनुष्य के शरीर को अद्भुत शक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि आपका जीवन पवित्र है, छल कपट नहीं है तो प्रभु अवश्य मिलेंगे। सत्ता के लिए राजनेता आज देश तथा समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। इस कारण रावणीय शक्ति का जन्म हो रहा है। भरत ने संपत्ति नहीं विपत्ति को बांटने का काम किया। आज भाइयों में संपत्ति को लेकर विवाद होता है। भरत से 14 वर्ष तक भाई की चरण खड़ाऊं से राज्य चलाया। प्रभु के चरणों में ध्यान रखोगे तो संसार के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। 21 अप्रैल को शाम चार बजे सेदु बंध अंगद, रावण संवाद, कुंभकरण वध, लक्ष्मण शक्ति की लीलाओं का वर्णन किया जाएगा।