रूस-यू्क्रेन युद्ध के बाद अब चीन और ताइवान में तनातनी से कांच उद्योग प्रभावित है। अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों ने फिरोजाबाद के कांच निर्यातकों को दिए पुराने आर्डरों में 30 प्रतिशत की कटौती कर दी है। इससे कांच उद्योग को दो से तीन करोड़ रुपये का नुकसान होना तय है।
रूस-यूक्रेन में जारी युद्ध के कारण अमेरिका सहित अन्य यूरोपीय देशों में मंदी के पहले से हालात हैं। यूरोपियन देशों में मंदी के कारण कारोबारी स्थिति खराब है। अब चीन और ताइवान के बीच शुरू हुई तनातनी ने कांच निर्यात उद्योग को पटरी से उतार दिया है। अमेरिका एवं अन्य देशों ने नवंबर, दिसंबर और जनवरी में आयोजित होने वाले त्योहारों को लेकर करीब छह माह पूर्व जारी आर्डरों में 30 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है।
प्रमुख कांच निर्यातकों की मानें तो छह माह पुराने आर्डरों को पूरा कराने में जुटे कांच कारोबारियों को दो से तीन करोड़ रुपये का नुकसान होना तय है। इस वर्ष के शुरूआती माह में अमेरिका एवं अन्य यूरोपियन देशों ब्राजील, इंग्लैंड, जर्मनी और फ्रांस से करीब दस करोड़ रुपये के आर्डर मिले थे। कुछ आर्डरों में फरवरी-मार्च के दौरान कटौती हो गई। बाकी आर्डर पूरा होने की स्थिति में हैं।
इन आयटम के आर्डरों में की कटौती
नवंबर से लेकर दिसंबर के मध्य तक अमेरिका और अन्य यूरोपियन देशों में हार्वेस्टर, हैरीकेन, क्रिसमस और दीपावली जैसे त्योहार प्रमुख रूप से मनाए जाते हैं। इन त्योहारों पर बिक्री वाले प्रमुख कांच आयटम क्रिसमस ट्री, क्रिसमस डेकोरेटिव कांच आयटम, फ्लावर पॉट, हरीकेन और फैंसी लाइट के आर्डर स्थानीय निर्यातकों को मिले थे। विदेशी ग्राहकों ने इन्हीं आर्डर में कटौती कर दी है।
ये बोले निर्यातक
द एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश बंसल टोनी ने बताया कि जनवरी-फरवरी में मिले आर्डर लगभग पूरे हो चुके हैं। ऐन वक्त पर आर्डरों में 30 प्रतिशत की कटौती से छोटे और मझौले स्तर के कांच निर्यातक सड़क पर आ जाएंगे। लगभग दो से तीन करोड़ का सीधा नुकसान होगा।
कांच निर्यातक सरवर हुसैन ने बताया कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने पहले ही अमेरिका और अन्य देशों में कांच आयटम की सप्लाई पर ब्रेक लगा दिए थे। पुराने आर्डरों से उम्मीदें थी। एक पखवाड़ा पूर्व विदेशी ग्राहकों ने पुराने आर्डरों में 30 प्रतिशत की कटौती कर दी है।