- कार्यावधि के दौरान मृत खिलौना श्रमिक के आश्रितों के लिए श्रम एक्ट 1923 बना सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। श्रम न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में जिले के पचोखरा निवासी एक मृत खिलौना श्रमिक के आश्रितों को बड़ी राहत मिली है। सहायक श्रमायुक्त कोर्ट ने बल्लभगढ़ स्थित एक खिलौना निर्माण फैक्टरी में कार्य के दौरान मृत हुए श्रमिक के परिजनों को 16 लाख 44 हजार 316 की क्षतिपूर्ति (हर्जाना) राशि देने का आदेश जारी किया।
पचोखरा थाना क्षेत्र निवासी गौरव कुमार (36) बल्लभगढ़ की फैक्टरी में खिलौना बनाने का काम करते थे। लगभग तीन साल पहले कार्यस्थल पर दुर्घटनावश उनकी मौत हो गई थी। फैक्टरी स्वामी द्वारा मृत श्रमिक को नियमानुसार मिलने वाले हितलाभ नहीं दिए गए।
फैक्टरी मालिक के खिलाफ मृतक श्रमिक गौरव की पत्नी प्रीति देवी ने श्रम न्यायालय फिरोजाबाद में श्रम एक्ट 1923 के तहत वाद दायर किया, जो यह अधिकार देता है कि मृत श्रमिक के आश्रित फैक्टरी एरिया के बजाय अपने मूल निवास वाले जनपद में भी हित लाभों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ सकते हैं। करीब तीन साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सहायक श्रमायुक्त यशवंत कुमार ने मृत श्रमिक के परिजनों को विधि अनुरूप आर्थिक लाभ भुगतान के आदेश दिए।
आश्रितों के खातों में हस्तांतरित हुई राशि
न्यायालय के आदेश के बाद फैक्टरी स्वामी ने हर्जाना राशि श्रम विभाग में जमा करा दी। सहायक श्रमायुक्त यशवंत कुमार के मुताबिक, क्षतिपूर्ति राशि को आश्रितों के खातों में हस्तांतरित कर दिया गया है, जिसमें मृतक की पत्नी प्रीति देवी को 13 लाख 44 हजार 316 रुपये, बेटी आरबी को 2 लाख की सावधि जमा राशि का प्रमाण पत्र (एफडी), माता शारदा देवी को 2 लाख नकद और 1 लाख की सावधि जमा राशि का प्रमाण पत्र दिया।