फिरोजाबाद। बेसिक स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को टाट-पट्टी पर बैठने से मुक्ति मिलेगी, यह सपना सरकार ने ही दिखाया। स्वीकृति के तीन माह बीतने के बाद भी फर्नीचर के लिए बजट जारी नहीं किया है। ठंड का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को इस सर्दी भी टाट-पट्टी पर बैठने को मजबूर होना पड़ेगा।बेसिक स्कूलों की दशा सुधारने के सरकार तमाम योजनाएं चला रही हैं। प्राइवेट विद्यालयाें के तर्ज पर बच्चों को शिक्षित करने का प्रयास भी कर रही है। लेकिन यह जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाती। जनपद के 1827 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इसमें से 575 स्कूलों में ही फर्नीचर है। शेष 1252 परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राएं टाट-पट्टी पर बैठने को मजबूर होते हैं। स्थिति है कि कक्षाएं चलने पर बच्चों को टाट पट्टी, चटाई आदि पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। शासन ने 75 स्कूलों में डेढ़ करोड़ की लागत से फर्नीचर की स्वीकृति प्रदान की थी। छात्र-छात्राएं खुश थे कि इस बार सर्दी में जमीन पर बैठकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। लेकिन तीन माह गुजरने के बाद भी शासन से बजट जारी नहीं हुआ और न ही कोई सुगबुगाहट है।
स्वेटर, जूते-मौजे का भी नहीं आया बजट
इस बार सर्दियां परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए कठिनाई भरी रहेंगी। क्योंकि 30 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को डीबीटी का लाभ नहीं मिला। जिससे बच्चे जूते-मौजे, स्वेटर आदि खरीद सकें।
75 स्कूलों में फर्नीचर भेजने की स्वीकृति मिली थी। अभी हम बजट का इंतजार कर रहे हैं। बजट आते ही स्कूलों में फर्नीचर भेजने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा।
अनिल कुमार, जिला समन्वयक बेसिक शिक्षा विभाग