आवासों के लिए सिर्फ 31.96 प्रतिशत ही मिली रकम
मांगे गए थे 48 मिले सिर्फ 17.71 करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 की जिला योजना में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 48 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। इसके सापेक्ष पूरे वर्ष में सिर्फ 17 करोड़ 71 लाख साठ हजार रुपये ही आवंटित हुए। यह कुल रकम का 31.96 प्रतिशत है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 की जिला योजना तीन अरब की तैयार हुई थी। अधिकांश विभागों ने जिला योजना के प्रस्तावों को शासन को भेजा गया था। लेकिन पूरा वर्ष बीतने के बाद भी विभागों को डिमांड के अनुरूप धनराशि नहीं मिल सकी। ग्रामीण अंचल के तीन हजार आवासों के निर्माण के लिए विभाग को बजट का आवंटन नहीं हो सका। जिला योजना के लिए आवंटित धनराशि के आंकड़ों पर गौर करें तो विभाग ने तीन हजार सामान्य और अन्य तथा एक हजार एससीपी वर्ग ( स्पेशल कंपोनेंट प्लान) के आवासों के लिए करीब 48 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी थी। अन्य वर्गों के लिए 36 करोड़ में से 11 करोड़ 50 लाख साठ हजार रुपये, एससीपी में 12 करोड़ के स्थान पर छह करोड़ 21 लाख रुपये 498 आवासों के लिए मिले।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास की स्थिति
- 3000 आवास के लिए मांगे गए 36 करोड़
- एससीपी : एक हजार आवास के लिए 12 करोड़
- 885 आवास को मिले 1150.60 लाख रुपये
- एससीपी के 498 आवास के लिए 621.00 लाख मिले
आवास निर्माण कराए जाने के लिए आवेदन तो किया था लेकिन अभी तक आवास नहीं बनाया गया। बारिश के दिनों में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है क्योंकि आवास कच्चा एवं टूटा फूटा है।
- विनोद कुमार कुशवाह, मिलिक नारखी
-प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की मांग ग्राम प्रधान एवं सचिव से की थी। अभी तक नंबर नहीं आ सका है। आज भी झप्पर डालकर गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। आवास मिल जाता तो कम से कम बारिश के दिनों में राहत मिल जाती।
- आशा देवी पत्नी बालकिशन, खैरगढ़।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में जिन पात्रों को चिह्नित किया गया था उनको आवास दिलाने की कार्रवाई की गई है। जहां तक जिला योजना का सवाल है तो वहां जो बजट आवंटित हुआ है उसके अनुरूप आवास बनाने के साथ शत प्रतिशत बजट का उपयोग किया है।
- प्रदीप पांडेय, परियोजना निदेशक, डीआरडीए