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झोलाछाप के उपचार से बच्ची की मौत, आक्रोश

Thu, 07 May 2015 11:13 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
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थाना नगला सिंघी क्षेत्र के गांव गदलपुरा में एक झोलाछाप की दवा से बच्ची की हालत बिगड़ गई। परिवारीजन उसे उपचार के लिए आगरा ले गए लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। बच्ची की मौत से परिवारीजनों में आक्रोश व्याप्त हो गया। बाद में गांव में हुई पंचायत के बाद मामले को रफा-दफा कर दिया गया। बिना कार्रवाई किए बच्ची के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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गांव गदलपुरा निवासी ब्रह्मजीत निषाद की 12 वर्षीय पुत्री रामवती को गत बुधवार सुबह बुखार आ गया था। परिजन उसे गांव के ही एक झोलाछाप चिकित्सक के यहां ले गए। झोलाछाप द्वारा लगाए इंजेक्शन से बालिका के शरीर पर लाल चिकत्ते पड़ गए और उसकी तबियत बिगड़ गई। बालिका की हालत देख झोलाछाप ने उसे टूंडला ले जाने की सलाह दी। परिवारीजन रामवती को टूंडला ले गए तो उसे वहां से आगरा ले जाने को कहा गया। आगरा के अस्पताल में उपचार के दौरान बालिका की मौत हो गई। बालिका की मौत से परिवारीजनों में झोलाछाप के विरुद्ध आक्रोश फैल गया। वह उसके क्लीनिक पर पहुंच गए। मामला बढ़ता देख ग्रामीणों ने पंचायत बुला ली। इसके बाद मामले को रफा-दफा करा दिया गया। बिना कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

लापरवाही पहले भी पड़ी है भारी
टूंडला ब्यूरो। यह पहली घटना नहीं है, जब किसी झोलाछाप के उपचार से बच्ची की जान गई हो। इससे पूर्व भी कई जाने जा चुकी हैं। गांव भीकनपुर में पातीराम 32, ठार मानसिंह में प्रताप 07 एवं रसूलाबाद में मार्गश्री 30 आदि की मौत उपचार में लापरवाही के कारण हो चुकी हैं।
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घटना की कोई जानकारी नहीं हैं। मृतक बालिका के परिजन अगर शिकायत करते हैं तो झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। ग्रामीण को बार-बार सलाह दी जाती है कि वह किसी भी हालत में झोलाछाप से उपचार नहीं कराएं। सही उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र अथवा रजिस्टर्ड चिकित्सक से ही संपर्क करें।
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 डा. संजीव वर्मा, अधीक्षक-सीएचसी, टूंडला
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