केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा एक प्रतिशत उत्पादन कर, एक्साइज ड्यूटी के साथ दो लाख से अधिक की खरीद पर पेनकार्ड की अनिवार्यता का विरोध सराफा दुकानदारों ने किया। उन्होंने प्रतिष्ठानों को बंद रख कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तीन और चार मार्च को भी बाजार बंद रखने का निर्णय लिया।
व्यापारी नेता एवं सराफा कमेटी के मदनलाल वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार को स्वर्ण व्यापारियों की कोई चिंता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसके चलते व्यापार ठप होने के कगार पर पहुंच गया है। चंद्रभान गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि सराफा दुकानदार नए-नए नियमों के साथ करों को लेकर प्रतिष्ठानों को बंद रखने को विवश हैं। रविकांत जैन ने कहा कि सभी सराफा कारोबारी तीन एवं चार मार्च को घंटाघर चौराहे पर होने वाले धरना प्रदर्शन में शामिल होकर विरोध दर्ज कराएं। राजू भाई ने कहा कि एक प्रतिशत उत्पादन कर, एक्साइज ड्यूटी के साथ ही दो लाख की ऊपर की खरीदारी के लिए पेनकार्ड की अनिवार्यता खत्म होनी चाहिए। जवाहरलाल वर्मा, सुनील अग्रवाल, राजा जैन, देवेंद्र शर्मा, संजय गौर, सुनील वर्मा, सुनील पोरवाल, दिलीप वर्मा, राजेंद्र पोरवाल, उमेश झिंदल, आशू पाराशर, योगेश पोरवाल, प्रभात दीक्षित, सचिन पोरवाल, विकास पोरवाल थे।