टूंडला। बारिश के बीच शुक्रवार रात सिंचाई विभाग ने सफाई कराए बिना ही बंबे में पानी छोड़ दिया। इससे चार गांवों के कई किसानों की आलू, सरसों की फसलों में पानी भर गया। फसल का नुकसान होने से किसानों में रोष है। पीड़ित किसानों ने मुआवजे कि मांग की है।
हाथरस माइनर से थाना पचोखरा के गांव नगला सूरज होते हुए यमुना तलहटी तक एक बंबा जा रहा है। किसानों का आरोप है कि हर साल इस बंबा की सफाई होती थी, किंतु इस बार सिंचाई विभाग ने इस बंबा की सफाई नहीं कराई। इतना ही नहीं बिना किसी पूर्व सूचना के बंबे में पानी छोड़ दिया गया। इससे गांव इमलिया, नगला सूरज, टीकरी आदि गांव के किसानों की आलू की फसल में पानी भर गया।
किसानों ने फूटे बंबे को बंद किया, तब तक फसलें जलमग्न हो चुकीं थीं। सुबह किसानों ने खेतों में पंप लगाकर पानी निकाला। किसान निहाल सिंह, तेजपाल सिंह, गोपाल स्वरूप आदि ने बताया कि बंबे के पानी भरने से उनकी आलू की फसलें बर्वाद हो गई हैं। किसानों ने शासन-प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। वहीं, क्षेत्रीय लेखपाल आशीष श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन किया है।
इन किसानों की फसलों का हुआ नुकसान
बंबे का पानी फसलों में भरने से रिंकू सिंह निवासी टूला, सकटु सिंह, 20 बीघा, निहाल सिंह की पांच बीघा, निवासी इमलिया, तेजपाल सिंह की चार बीघा, जितेंद्र सिंह की चार बीघा निवासी नगर सूरज, पप्पू सिंह इमलिया तीन बीघा आलू की फसलें जलमग्न हो गईं। वहीं टीकरी में भी छह किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है।
किसानों की मांग पर विभाग की ओर से शुक्रवार शाम सिंचाई के लिए बंबों में छोड़ा गया था। किसानों द्वारा गलत तरीके से बंबों को काट लिए जाने से पानी फसलों में भरा है। सफाई न कराए जाने के आरोप गलत है। पूर्व में ही सफाई करा दी गई थी।
बलजीत सिंह, अधिशासी अभियंता, हाथरस माइनर