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लंबित इकाइयाें के मामले में पर्यावरण मंत्रालय भेजा पत्र

Tue, 29 Nov 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद
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ग्राम असुआ स्थित एक गत्ता फैक्ट्री में शार्ट सर्किट से आग लग गई - फोटो : अमर उजाला
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 दो साल से नए उद्योगों की स्थापना पर लगी रोक हटवाने के लिए अब जिला प्रशासन ने भी कवायद तेज कर दी है। डीएम ने लंबित इकाइयों के मामले में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को पत्र भेजा है। पत्र में डीएम ने नीरी की प्रजेंटेशन कराने के लिए समय निर्धारित करने की बात कही है।
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बता दें कि सुहागनगरी में जनवरी-2015 से नई इकाइयों की स्थापना पर टीटीजेड अथॉरिटी ने रोक लगा रखी है। गेल द्वारा गैस न दिए जाने पर 43 इकाइयाें के आवेदन दो साल से टीटीजेड में लंबित हैं। जिला प्रशासन द्वारा नीरी से कराई प्रदूषण के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट का अध्ययन और टीटीजेड में प्रजेंटेशन होने के बाद यह मामला पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के प्रेषित कर दिया गया। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने भी नई इकाइयों को अनुमति देने से इनकार कर दिया। अब नए इकाइयों को हरी झंडी मिलने की सारी उम्मीदें नीरी की पर्यावरण एवं वन मंत्रालय में होने वाली प्रजेंटेशन पर टिकी हैं। उद्यमियों द्वारा लंबित इकाइयों का मामला उद्योग बंधु की बैठक में भी उठाया जा रहा है। उद्यमियों की मांग के मद्देनजर डीएम राजेश प्रकाश ने पर्यावरण एवं मंत्रालय को पत्र भेजा है। पत्र में कहा कि टीटीजेड के निर्णय के अनुसार फीरोजाबाद में गैस आपूर्ति के लिए प्रतीक्षारत इकाइयों के प्रकरण पर निर्णय लेने से पूर्व नीरी द्वारा वायु प्रदूषण के संबंध में प्रस्तुत सोर्स ऑफ स्टडी रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण पर्यावरण मंत्रालय में करा लिया जाए। नीरी द्वारा प्रस्तुत सोर्स ऑफ स्टडी रिपोर्ट के प्रस्तुतीकरण के लिए तिथि एवं समय के संबंध में अवगत कराएं।

औपचारिकताएं पूर्ण करने वाली 27 इकाइयों की स्टेटस रिपोर्ट भेजी
सुहागनगरी में नई इकाइयां लगाने के लिए 43 इकाइयों का मामला लंबित है। इनसें में मात्र 27 इकाइयां ऐसी हैं, जिन्होंने उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित अन्य विभागों से एनओसी प्राप्त कर औपचारिकताएं पूर्ण कर ली हैं। उद्योग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जांच के बाद 27 इकाइयों की स्टेटस रिपोर्ट भी पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को भेजी है।
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