फिरोजाबाद। मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। चिकित्सकों के मुताबिक, बार-बार सर्दी-जुकाम होना केवल मौसम का असर नहीं, बल्कि शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी का संकेत भी हो सकता है। खून की कमी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिससे संक्रमण जल्दी पकड़ लेता है।
पिछले कुछ दिनों से मौसम में उतार चढ़ाव के कारण मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीजों की भीड़ लग रही है। मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन मनोज कुमार ने बताया कि ओपीडी में करीब 100 से 120 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से 25 से 30 मरीजों की जांच में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम पाया जा रहा है। ऐसे मरीजों में बार-बार सर्दी-जुकाम की शिकायत अधिक देखी जा रही है।
फिजिशियन डा. नीरज गुप्ता ने बताया कि खून की कमी को नजरअंदाज करना आगे चलकर एनीमिया जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकता है। लाल रक्त कणों की कमी से शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे कमजोरी, चक्कर और सांस फूलने जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। ऐसे में बार-बार सर्दी-जुकाम होने पर चिकित्सक की सलाह से खून की जांच कराना जरूरी है।
एनीमिया के प्रमुख लक्षण
लगातार कमजोरी महसूस होना
चक्कर आना या सिरदर्द
सांस लेने में परेशानी
हाथ-पैर ठंडे बने रहना
जल्दी थकान लगना