आग बुझाने में पानी की खासी कमी रही।
डाकबंगला के सामने स्थित एसआर ग्लास की फैक्ट्री में लगी आग के बाद हाईड्रेंट प्वाइंट की कमी सबसे अधिक खली। पानी लाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आठ किलोमीटर दूर तक दौड़ लगानी पड़ी। यदि क्षेत्र में हाईड्रेंट प्वाइंट होता तो शायद आग बुझने में इतनी देर नहीं होती और न दिक्कत होती।
शहर में जब कोई बड़ी आग लगे चिंता हर किसी को हाईड्रेंट प्वाइंट की सताती है लेकिन इस पर कोई पहल नहीं होती। सोमवार की रात एसआर ग्लास फैक्ट्री में आग की लपटें उठनी शुरू हुई और फायर ब्रिगेड की गाड़ी के आने में देरी होने लगी। इस दौरान हर कोई यही बोला अभी तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं आई। गाड़ियों के आने के बाद पानी की कमी महसूस होने पर फायर कर्मियों को आठ किलोमीटर दूर दौड़ लगानी पड़ी। शहर में पानी की किल्लत भी रहती है। ऐसे में यह फायर हाईड्रेंट प्वाइंट होने बहुत जरूरी हैं। प्वाइंट होता तो शायद आग बुझाने में इतनी देर नहीं लगती।
पुराने हाईड्रेंट प्वाइंट सड़कों के नीचे दब गए। विभाग सिर्फ फायर स्टेशन पर बने प्वाइंट पर निर्भर है। नगर निगम को टंकियों के करीब हाईड्रेंट प्वाइंट बनाने के लिए पत्र कई बार लिखा लेकिन अमल नहीं किया। इंडस्ट्रियल क्षेत्र में स्थित पार्क में जरूर प्वाइंट बनाया। सभी टंकियों पर प्वाइंट बना दें तो पानी लेने दूर नहीं दौड़ना पड़ेगा।
राजेश कुमार चौरसिया एफएसओ फिरोजाबाद।