नौनिहालों से भरी स्कूल बस पर शनिवार सुबह हाईटेंशन तार
टूट कर गिर गया। तार गिरते ही अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ
की मदद से नौनिहालों को किसी तरह से सुरक्षित बस से बाहर निकाला गया। गनीमत
रही कि कटौती के कारण तारों में करंट प्रवाहित नहीं हो रहा था अन्यथा
गंभीर हादसा हो सकत था। घटना के बाद जानकारी पर पहुंचे अभिभावकों में भारी
रोष था।
रिजावली चौराहा स्थित आनंद पब्लिक स्कूल की बस कई गांवों से 47 नौनिहालों
को लेकर स्कूल के सामने आकर रुकी। तभी अचानक ऊपर से जा रहे 11 हजार वोल्टेज
के हाईटेंशन तार टूट कर बस की छत पर गिर पड़े। तारों के टूटते ही
अफरा-तफरी मच गई। छोटे बच्चों की बस के ऊपर तार गिरने से स्कूल प्रशासन में
हड़कंप मच गया।
हालांकि घटना के दौरान तारों में करंट नहीं था, लेकिन करंट
आने के डर से कोई भी बस में नहीं घुस रहा था। बाद में, खासी मशक्कत के बाद
बस से तारों को उठाते हुए स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों की मदद से बच्चों को
सही सलामत बस से बाहर निकाला गया। जानकारी पर अभिभावक स्कूल पहुंच गए और
जमकर हंगामा किया। आरोप है कि 11 हजार हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए कई
बार विद्युत विभाग को कहा गया लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहंी हुई।
शुक्र रहा, कटौती के चलते नहीं था तारों में करंट
गनीमत रही कि स्कूल बस पर गिरे तारों में करंट नहीं था।
कटौती के कारण लाइन में करंट प्रवाहित नहीं हो रहा था। यदि ऐसा न होता तो
गंभीर हादसा हो सकता था। घटना से विद्युत विभाग के साथ ही स्कूल प्रशासन को
भी सबक लेना चाहिए। बस को ऐसे स्थान पर खड़ा नहीं करना चाहिए जहां विद्युत
तार हों।
जर्जर तारों को बदलवाने के लिए तार उपलब्ध करा दिए गये हैं। उन्हें दो दिन
में बदल दिया जाएगा। मामले की जांच के बाद संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
आरबी राय
अधिशासी अभियंता, ग्रामीण
फोटो-टूंडला के नगला बीच में विद्युत विभाग के विरुद्ध हंगामा करते अभिभावक-1