फिरोजाबाद। विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान एरिया में नगर निगम एवं विद्युत निगम की मिलीभगत से हाईटेंशन लाइन के नीचे हजारों की संख्या में मकान बन गए। नई आबादी वाले इलाकों में आबादी के बीच से गुजर रही लाइन से कई हादसे भी हो चुके हैं। वहीं बड़ा सवाल है कि अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने वाले विकास प्राधिकरण के अधिकारी एचटी लाइन के नीचे विकसित हो रही अवैध कॉलोनी को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं विद्युत विभाग द्वारा कनेक्शन जारी करने का खेल भी चल रहा है।
शहर के थाना रसूलपुर, रामगढ़, लाइनपार के इलाकों में करीब दस से अधिक मोहल्लों के हाईटेंशन लाइन के नीचे बस गए हैं। वर्षो पुरानी इन लाइनों के नीचे अवैध रुप से भवनों के निर्माण अभी भी जारी हैं। खास बात यह हैं कि एचटी लाइन के नीचे स्कूल कॉलेज के अलावा व्यवसायिक भवन भी खड़े हैं। इन भवनों में विद्युत कनेक्शन से लेकर नगर निगम के टैक्स विभाग में पंजीकरण हैं। नियमानुसार एचटी लाइन के पोल से बीस मीटर की परिधि में किसी भी भवन व पक्के निर्माण को नहीं कराया जा सकता। सवाल है कि नियमित पर्यवेक्षण करने वाले विकास प्राधिकरण के अधिकारी, नगर निगम के कर्मचारी इन भवनों पर कार्रवाई करने से बचते हैं। बिजली विभाग के अफसरों का कहना है कि इन तारों के टूटने की संभावना ना के बराबर होती है। यदि कही तार टूटेगा भी तो कंट्रोल रूम से लाइट बंद स्वत बंद हो जाएगी।
डराते है आबादी से बीच से गुजरते तार
घनी आबादी के बीच से गुजरते यह तार क्षेत्र की जनता को डरावने लगने लगे हैं। कई लोग तो मकान को एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक नहीं बना पा रहे हैं। जिन्होंनें बना भी लिया वह छत पर जाने का रास्ता तक बंद करा दिया। पता नहीं कब हादसा हो जाए। क्षेत्र की जनता लाइन को शिफ्ट किए जाने की अर्जी तो बिजली विभाग के साथ-साथ नगर निगम के अफसरों तक से लगा चुकी है। जनप्रतिनिधियों को भी पत्र लिखे गए लेकिन हल कुछ नहीं निकल सका।
इन मोहल्लों के ऊपर से गुजरी है हाईटेंशन लाइन बिजली की हाईटेंशन लाइन के तार द्वारिकापुरी, सविता नगर,दयाल नगर, बघेल कालोनी,श्रीपाल कालोनी, महादेव नगर,शांति नगर, आसफाबाद, छोटा लालपुर,राठौर नगर,नगला पचिया,टापा खुर्द,झलकारी नगर सहित नई आबादी वाले क्षेत्रों से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है।