जैन नगर निवासी कनिष्क की हत्या मोहल्ले के ही तीन युवकों ने की थी। इसका खुलासा सोमवार को उत्तर पुलिस ने फीरोजाबाद ब्लाक के समीप से एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद किया है। घटना को अंजाम कनिष्क के पिता का मकान हड़पने के साथ ही फिरौती वसूल करने के लिए दिया गया था। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।
थाना उत्तर क्षेत्र के मोहल्ला जैननगर निवासी पंकज जैन के छह वर्षीय पुत्र कनिष्क का 30 मई की सुबह घर के बाहर खेलते समय अपहरण कर लिया गया था। दो जून को एत्मादपुर थाना पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर नगला खरगा के जंगल में बने कुआं से कनिष्क का शव बरामद किया था। जांच के दौरान पुलिस का शक रिक्शा चालक राजू की हत्याकांड में वांछित चल रहे जैननगर निवासी अमित यादव पर गया। पुलिस अमित को गिरफ्तार करती, इससे पूर्व अमित ने चार जून को न्यायालय में सरेंडर कर दिया। यहां से उसको जेल भेज दिया गया। कोतवाल उत्तर शशिकांत शर्मा ने बताया कि जेल में बंद अमित से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि कनिष्क का अपहरण उसके पिता का मकान और फिरौती की रकम वसूलने के लिए किया गया था। उसे पता था कि बेटे को छुड़ाने के लिए पंकज ब्याज पर रुपये लेगा। पंकज की आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर वह रुपये नहीं लौटा पाएगा तो उसके मकान को अपने नाम करा लिया जाएगा। अमित ब्याज का काम करता था। मामला तूल पकड़ता देख कनिष्क की एक जून को हत्या करने के बाद शव कुआं में फेंक दिया गया था। घटना के दौरान जैन नगर निवासी सोनू उर्फ छोटू तोमर व सोनू बिरयानी भी शामिल था। सोमवार सुबह पुलिस ने सोनू तोमर को फीरोजाबाद ब्लाक के समीप से पकड़ लिया। पुलिस सोनू बिरयानी की तलाश कर रही है। बताते हैं कि कनिष्क के घर के सामने ही अमित के ताऊ का मकान है।