फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैबिनेट मंत्री के निरीक्षण से जगी उम्मीदें दूसरे दिन टूटीं

Wed, 19 Apr 2017 11:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
विज्ञापन
चिकित्सकों का इंतजार करते मरीज।
विज्ञापन
तीन नवजातों की मौत के बाद प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण कर लोगों में जो उम्मीद जगाई थी वह दूसरे दिन ही टूट गईं। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान मंत्री ने व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने का फरमान सुनाया था, बुधवार को उसका बिल्कुल भी पालन नहीं हुआ। सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंचे मरीज दोपहर तक डाक्टर का ही इंतजार करते रहे। घंटों जमीन पर बैठे रहे।
विज्ञापन

गर्भवती महिलाएं एवं अन्य मरीजों का उपचार के लिए बुधवार सुबह आठ बजे से महिला अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर 12 बजे बज गए लेकिन ओपीडी में डाक्टर नहीं पहुंचीं। डा. कमलेश वर्मा आपरेशन करने गईं हुई थीं। कमरा नंबर पांच डा. मंजू भारती के स्थानांतरण के बाद से खाली ही रहता है। कक्ष संख्या तीन में परिवार कल्याण सलाहकार की ओपीडी चलती है, किंतु यहां भी कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। हालत यह थे कि दोपहर 12.8 बजे बाल रोग विशेषज्ञ चैंबर में नहीं थे। महिलाएं बच्चों को लेकर डाक्टर साहब के आने का इंतजार करती रहीं। उनको बताया था कि डाक्टर थोड़ा इंतजार करने को कहकर उठ गए हैं। एसएनसीयू के चिकित्सक कक्ष में भी ताला लगा हुआ था। चिकित्सक का इंतजार करते-करते बीमार बच्चों को  गोद में लिए महिलाएं जमीन पर ही बैठ गईं।

मरीज और तीमादारों का दर्द (हाफ कालम फोटो भी हैं)
गांव उदऊ से आई सुमन ने कहा कि सुबह सात बजे से घर से चले थे। आठ बजे तक महिला अस्पताल आ गए, लेकिन 12 बजे तक डाक्टर को नहीं दिखा पाए हैं।

टूंडला से आई ममता का कहना है कि टूंडला अस्पताल से लिखा है कि जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करा लो। दो दिन हो गए, किंतु इधर से उधर टहलाया जा रहा है। कोई बताने वाला नहीं है।
विज्ञापन



चिकित्सक की कमी के कारण व्यवस्थाएं बिल्कुल चरमरा गई हैं। आपरेशन आने पर चिकित्सक को ओपीडी छोड़नी पड़ती है। फिर भी हम जांच कराते हैं कि ओपीडी समय में कौन मौजूद नहीं था, क्या कारण थे।
विज्ञापन

डा. साधना राठौर, सीएमएस
जिला महिला अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें