शिकोहाबाद। हिंदी गौरव न्याय मूर्ति प्रेम शंकर गुप्त द्वारा संस्थापित संस्था इटावा हिंदी सेवा निधि द्वारा वार्षिक कार्यक्रम प्रयागराज में आयोजित किया गया। इसमें हिंदी के प्रकाट्य विद्वान डॉ. चंद्रवीर जैन को श्रीमन्नारायण रत्नाकर शास्त्री अलंकरण से सम्मानित किया गया।
नारायण कॉलेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रवीर जैन सेवानिवृत्त के बाद से पूरी तरह से हिंदी साहित्य के लिए समर्पित हो गए हैं। उन्होंने कई रचनाएं लिखकर उनका प्रकाशन कराया है। उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं। अभी हाल ही में इटावा हिंदी सेवा निधि ने प्रयागराज में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें डॉ. जैन को श्रीमन्नारायण रत्नाकर शास्त्री अलंकरण से सम्मानित किया गया। प्रयागराज न पहुंचने पर संस्था ने उनका सम्मान उनके घर भेजा है।
बता दें डॉ. जैन शब्दम संस्था के माध्यम से निरंतर छात्रों को शुद्ध हिंदी लिखने के लिए प्रयासरत हैं। जैन समाज ने भी डॉ. जैन को मिले इस सम्मान पर हर्ष व्यक्त किया है। हर्ष व्यक्त करने वालों में मंजर उल वासै, डॉ. आरएस चौहान, डॉ. डीपी सिंह ने यह सम्मान डॉ. चंद्रवीर जैन को सौंपा।