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मोदी का संदेश सुनते ही अवाक रह गए शहर के बाशिंदे 

Wed, 09 Nov 2016 01:36 AM IST
अमर उजाला
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माोदी का संदेश्‍ा सुनते लाेग - फोटो : अमर उजाला
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फीरोजाबाद। पांच सौ रुपये और एक हजार रुपये का नोट बंद होने की सूचना फैलते ही पूरे शहर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गयी। टीवी पर नजरें गढ़ाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुनते रहे। जो टीवी के सामने नहीं थे वह फोन पर एक दूसरे से पूछ रहे थे। प्रधानमंत्री के इस निर्णय पर लोगों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। किसी ने कहा देश से काला धन निकालने का यह पुख्ता कदम है किसी ने कहा कि अचानक इस तरह का फैसला देश में अराजकता का माहौल बना देगा। 
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गाइड लाइन का इंतजार - एलडीएम 
एलडीएम सुरेंद्र कुमार का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट बैंक व पोस्ट आफिस में जमा कराने के लिए दिसंबर तक का समय दिया है। करेंसी जमा करने के संबंध में अभी तक गाइड लाइन नहीं हुई है। इस संबंध में गाइड लाइन जारी होने के बाद भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 

अतिरिक्त काउंटर खोलेंगे - बैंक मैनेजर 
भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर सुरजीत सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार का जो भी आदेश होगा, उसका पालन कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। वर्तमान में बैंकों में सात काउंटर चल रहे हैं। अधिक भीड़ होने की स्थिति में अतिरिक्त काउंटर तक खुले जाएंगे। हमारा प्रयास होगा कि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो। 
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जाली करंसी बाहर आएगी - सीए 
सीए पवन अग्रवाल का कहना है कि मोदी का यह अच्छा प्रयास है। अपने देश में तमाम जाली करेंसी चल रही है,  उसको रोकने को यही एकमात्र तरीका है। तमाम प्रयास के बावजूद ब्लैकमनी बाहर नहीं आ रही थी, इस कदम से ब्लैक मनी बाहर आएगी। इसका प्रभाव देश के तमाम गरीब व छोटे तबके पर पड़ेगा। उद्योग व व्यापार प्रभावित होंगे। जब 500 व 1000 के नोट नहीं चलेंगे तो आम 50 व 100 के नोट की गड्डी लेकर चलेगा, जिससे आएदिन लूटपाट की घटनाएं होंगी, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। दो दिन तक बैंक व एटीम बंद होना भी बड़ी समस्या रहेगी। 

हिटलशाही आदेश - इंकम टैक्स अधिवक्ता 
अधिवक्ता कुलदीप मित्तल का कहना है कि यह बहुत हिटलरी आदेश है जल्दी नहीं करना चाहिए। इस काम को सोच समझ कर मौका देना चाहिए। काला धन निकालने के लिए अच्छा कदम है, जल्द लागू करना उचित नहीं है। इससे गरीबों को काफी परेशानी होगी। 

यह तानाशाहीपूर्ण कदम - उद्यमी 
उद्यमी डीसी गुप्ता का कहना है कि केंद्र सरकार यह कदम तानाशाहीपूर्ण है। हम लोकतंत्र में जी रहे हैं रातोंरात 500 व 1000 के नोट बंद करने आदेश जारी करना पूरी तरह गलत है। इससे उद्योग बेहद प्रभावित होगा। पीएम को यह आदेश को लागू करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी। 

अचंभे बात - शिक्षिका 
शिक्षिका शीवा हासिम ने कहा कि  नोट बंद करके देश में मुश्किलें आ जाएगी। समाचार सुना तो अचंभा हुआ। आज के समय में हर वर्ग के व्यक्ति के पास पांच सौ और हजार के  नोट होते हैं। शुरुआती दौर में तो बाजार में खरीदारी करने में परेशानी होगी।

बढ़ जाएगी मुश्किल 
शिक्षिका कल्पना राजौरिया ने कहा कि जब शहर में 10 का सिक्का बंद होने की अफवाह उड़ी। तब तो मुश्किल होती थी। जबकि ये सिक्के तो कुछ दिन पहले ही बाजार में आए हैं, लेकिन अब पांच सौ और हजार के नोट बंद हो रहे हैं तो मुश्किलें बहुत बढेगी।

एक झटके में कालाधन बाहर आएगा 
शिक्षक बालकृष्ण शर्मा ने कहा कि इससे एक झटके में ब्लैकमनी बाहर आ जाएगी। पांच सौ और हजार के नए नोट अलग तरीके के निकाल देने चाहिए थे और तब इन्हें बंद करना चाहिए थे। बिल्कुल बंद कर देना, मुश्किलें बढ़ा देने वाला फैसला है।

कुछ ही दिन होगी दिक्कत 
अर्थशास्त्र के शिक्षक एसके वर्मा ने कहा कि  प्रधानमंत्री मोदी के फैसले से ब्लैक मनी बाहर आ जाएगी।  थोडे दिन दिक्कत रहेगी, फिर से सब ठीक लगने लगेगा। प्रधानमंत्री का यह फैसला देश को तरक्की की ओर ले जाने वाला होगा।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्णय अव्यवहारिक है। देवोत्थान पर शादी समारोह में कैसे धनराशि दी जाएगी। गंभीर बीमार आखिर उपचार कैसे कराएंगे। पीएम ने इमरजेंसी जैसे हालात पैदा कर दिया है। 
धर्म सिंह यादव एडवोकेट 
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव 

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह तुगलकी फरमान व नासमझी का निर्णय हैं। गरीबों तक सूचना नहीं पहुंचेगी। पीएम को इस फैसले पर विचार करना चाहिए। जनता इसका आगामी चुनाव में जबाव देगी। 
हेमंत प्रताप सिंह बसपा जोन कोआर्डिनेटर 


व्यापारी बोले प्रभावित होगी अर्थव्यवस्था 
-पीएम ने बिना किसी व्यापारिक संगठन के बात करके ही अपना तुगलकी फरमान जारी कर दिया है। इससे देश की अर्थ व्यवस्था पर असर पड़ेगा। पीएम को अपने फैसले पर एक बार पुर्नविचार करना चाहिए।ताकि देश के नागरिकों को राहत मिल सके। 
रवींद्रलाल तिवारी 
महानगर अध्यक्ष व्यापार मंडल फीरोजाबाद। 
 
-पीएम ने बोल्ड फैसला लिया है। इससे कमजोर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होगा। चलन के नोट को अचानक बंद कर देना गलत है। शादी समारोह जिन घरों में वहां सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। लेकिन काले धन की बात आती हैं उस लिहाज से सोंचे तो फैसला ठीक है। 
बीएस गुप्ता प्रमुख व्यापारी नेता 

-प्रधानमंत्री द्वारा तत्काल प्रभाव से रोक लगाना जनता के साथ पूरी तरह से अन्याय है,पहले चेतावनी देनी चाहिए थी। यदि बंद ही करने थे तो दीपावली पर नई करेंसी क्यों निकाली। तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय पूरी तरह से गलत है। 
डा.ध्रुब कुमार आचार्य 
अध्यक्ष राज्य कर्मचारी महासंघ फीरोजाबाद। 

-विदेश से तो काला धन वापस नहीं ला पाए, जो वायदा करके सीट पर आए थे लेकिन उसकी हनक मिटाने के लिए खुद देश की जनता के साथ अन्याय कर रहे हैं। अरबों एवं खरबों रुपए का ट्रांजेक्शन किया है। 
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