शिकोहाबाद। साले की अंतेष्टि से वापस लौट रहे रमाशंकर के परिवार को अचानक ग्रहण लग गया। सड़क हादसे में उसका परिवार उजड़ गया। उसकी मां और पत्नी उसकी आखों के सामने ही चंद पलों में उसका और बच्चों का साथ छोड़कर इस दुनिया से रुख्सत हो गईं। अचानक हुए इस हादसे ने घायल को बुरी तरह झकझोर दिया है। उसके घर की खुशियां देखते ही देखते मातम में तब्दील हो गईं।
सड़क हादसे के कुछ मिनटों बाद ही रमाशंकर के घर में कोहराम मच गया था। हादसे में अनीता और राजकुमारी की मौत की खबर पाकर फिरोजाबाद स्थित उसके अन्य परिजन तथा छह छोटे-छोटे बच्चों के पैरोंतले जमीन खिसक गई। हर कोई इस घटना को सुनने के बाद हतप्रभ था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घर की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। चीख-पुकार की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोगों की घर के बाहर भीड़ जुट गई। जैसे ही अनीता और राजकुमारी का शव लेकर पुलिस फिरोजाबाद मेडिकल कालेज पहुंची। परिवार के लोग और पड़ोसी अस्पताल पहुंच गए।
प्लीज मम्मी-दादी, वापस आ जाओ न.........
शिकोहाबाद। सड़क हादसे का शिकार हुई अनीता अपने पीछे सबसे बड़ी लड़की राखी (18), सपना (15), रोहित (13), कामिनी (11), मोहिनी (08) एवं अपने सबसे लाड़ले आयुष (07) को अकेला छोड़कर इस दुनिया से चली गई। अपनी मां की मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। बच्चे बार-बार प्लीज मम्मी-दादी वापस आ जाओ न, कहकर अपनी मां और दादी को पुकार रहे थे।
बच्चों को रोता देख रो पड़े देखने आए लोग
शिकोहाबाद। घटना के बाद रमाशंकर के घर पर पड़ोसियों का तांता लगा हुआ था। हर कोई इस घटना के बाद गमगीन था। बच्चों को रोता-बिलखता देखकर पड़ोसी महिलाएं भी अपनी आखों में आए आंसू नहीं रोक पाईं। पड़ोस में रहने वाली महिलाएं बच्चों को संभालने का प्रयास कर रही थीं।
चूड़ी का काम करता है रमाशंकर
शिकोहाबाद। रमाशंकर चूड़ी का काम करता है। उसके साथ उसकी पत्नी, छह बच्चे, उसकी मां और छोटा भाई प्रमोद साथ रहता है। मां राजकुमारी और अनीता की मौत के बाद घर में सिर्फ दो भाई और छह बच्चे रह गए हैं। जबकि बड़ा भाई ज्ञान सिंह अपने परिवार के साथ अलग रहता है।