फिरोजाबाद। जिले में गर्भवती महिलाओं के लिए निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा पिछले लगभग पांच महीनों से प्रभावित है। निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर वाउचर के माध्यम से मिलने वाली इस सुविधा के लिए बजट रुक जाने के कारण गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए मेडिकल कॉलेज का रुख कर रही हैं, जिससे वहां भी जांच का दबाव बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच की सुविधा प्रदान की जाती है। इस अभियान में गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में अल्ट्रासाउंड जांच भी शामिल है। जिले में पहले 23 निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर वाउचर जारी कर गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कराया जाता था। हालांकि, बजट उपलब्ध न होने के कारण यह व्यवस्था फिलहाल ठप बताई जा रही है।
इस स्थिति के चलते, महिलाएं या तो निजी केंद्रों पर जांच के लिए शुल्क देने को मजबूर हैं या फिर मेडिकल कॉलेज में निशुल्क जांच के लिए पहुंच रही हैं। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ने से गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पीएमएसएमए के तहत गर्भवती महिलाओं को दूसरी तिमाही में अल्ट्रासाउंड सहित आवश्यक प्रसव पूर्व जांच उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
एसीएमओ डॉ. पवन कुमार ने बताया कि निजी केंद्रों पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था बजट से संबंधित है। बजट उपलब्ध होने के बाद इस व्यवस्था को पुनः शुरू कराया जाएगा। फिलहाल, गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है।