गुर्जर आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान में पुन: भड़की आंदोलन की आग सुहागनगरी के कांच उद्योग को भी झुलसा रही है। आंदोलन के कारण राजस्थान जाने वाला करोड़ों रुपये का माल रास्ते में ही फंस गया है। वहीं दर्जनों व्यापारी भी रास्ते में जगह-जगह फंसे हुए हैं। आंदोलन को लेकर व्यापारी भयभीत हैं।
सुहागनगरी का कांच उद्योग तमाम दुश्वारियों से जूझ रहा है। पहले मंदी की मार और अब गुर्जर आंदोलन ने उद्यमियों के होश उड़ा दिए हैं। व्यापारियों का कहना है कि राजस्थान में प्रतिमाह करीब 50 करोड़ रुपये का व्यापार होता है। आंदोलन के चलते कांच उद्योग पर खासा प्रभाव प्रभाव पड़ रहा है। राजस्थान में चल रहे आंदोलन के चलते चूड़ी व्यापारी भयभीत हैं। व्यापारी अपनी दुकानें तक नहीं खोल रहे हैं। चूड़ी व्यापारियों का कहना है कि गुर्जर आंदोलन के चलते प्रतिदिन डेढ़ से दो करोड़ का व्यापार प्रभावित हो रहा है। करोड़ों रुपये का तगादा अटका हुआ है। राजस्थान में जल्द ही हालात नहीं सुधरे तो कांच उद्योग पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
राजस्थान में आरक्षण को लेकर बार-बार आंदोलन होना उद्योग हित में नहीं है। गुर्जर आंदोलन को लेकर कांच उद्योग पर खासा प्रभाव पड़ रहा है। केंद्र सरकार को ऐसे आंदोलन पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए।
राजीव पालीवाल कुक्कू
वर्तमान में चूड़ी उद्योग मंदी के दौर से गुजर रहा है। गुर्जर आंदोलन के कारण राजस्थान में चूड़ी बिक्री बिल्कुल ठप हो गई है। यहां से भेजे गए वाहन रास्ते में फंसे हैं। इससे व्यापारियों को लाखों का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
किशन पचौरी
गुर्जर आंदोलन के कारण कांच उद्योग को हर रोज लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। आंदोलन के चलते सड़क और रेल मार्ग पूरी तरह प्रभावित है। इसके कारण यहां के अनेक व्यापारी जगह-जगह फंसे हुए हैं।
अश्वनी गुप्ता
गुर्जर आंदोलन के चलते चूड़ी राजस्थान तक नहीं पहुंच पा रही है। यदि इसी प्रकार आंदोलन चलता रहा तो व्यापारियों के सामने कई समस्याएं खड़ी हो जाएंगी। राजस्थान तक माल नहीं पहुंच सकेगा, वहीं लाखों का पेमेंट भी रुक जाएगा।
अनिल मैनेजर
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