फिरोजाबाद। स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हो रहे निगम क्षेत्र में स्थित नालबंदान-रसूलपुर मार्ग को स्मार्ट रोड की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। सड़क के दोनों ओर पटरी पर हरियाली के साथ ही अवस्थापना से जुड़े अन्य कार्य भी पूरे कराए जाएंगे। सड़कों के दोनों तरफ हरियाली होगी। सड़क मार्ग पर लगभग 40 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होने का अनुमान है। हालांकि अभी सड़क की दशा सुधार को जरूरी डीपीआर बनाई जा रही है।प्रदेश के 17 नगर निगमों में से सभी में एक सड़क व आवासीय क्षेत्र को स्मार्ट रोड एवं मॉडल वार्ड के रूप चिह्नित किया जाना है। सीएम ग्रिड योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों के प्रथम चरण में शहर के बीचोंबीच व प्रमुख सड़क नालबंदान-रसूलपुर मार्ग का कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए जरूरी कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। इसमें जरूरी प्रस्ताव तैयार हो चुका है। वित्तीय आगणन का काम भी एक-दो दिन में पूरा किया जाएगा। खास बात है कि समूची कार्य योजना की मॉनीटरिंग के लिए शासन ने शहरी सड़क अवसरंचना विकास एजेंसी (यूआरआईडीए) बनाई है।एजेंसी के पदाधिकारी संभवत: मंगलवार को प्रस्तावित सड़क के स्थलीय अवलोकन के लिए शहर में आ सकते हैं।
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तीन सड़कों का हुआ था चिह्निकरण
सीएम ग्रिड योजनांतर्गत प्रस्तावित सड़क जीर्णोद्वार के लिए पहले जलेसर रोड, जाटवपुरी चौराहा से नए बाईपास मार्ग की ओर जाने वाले 60 फुटा मार्ग को चिह्नित किया था। लेकिन योजना की शर्त के मुताबिक सड़क की चौड़ाई बीचोंबीच से दोनों ओर दस-दस मीटर होनी चाहिए। इस लिहाज से नालबंदान-रसूलपुर मार्ग उपयुक्त पाया गया। जबकि जलेसर रोड और 60 फुटा रोड की चौड़ाई मौके पर कम पाई गई।
अतिक्रमण की चपेट में है मार्ग
सीएम ग्रिड योजना के जरिए दशा सुधार के लिए चिह्नित किए नालबंदान-रसूलपुर मार्ग की दशा वर्तमान में बेहद खराब है। मुख्य सड़क पर जहां गढ्डों की भरमार है। वहीं दोनों ओर का सर्विस रोड पग-पग पर अतिक्रमण की चपेट में है। सर्विस रोड पर लगे बिजली के ट्रांसफॉर्मर एवं पोल आवागमन में बाधा हैं। वहीं सड़क पटरी पर कई जगहों पर जलभराव की समस्या है।
कुछ ऐसी होगी नई सड़क
अतिक्रमण को साफ कराने के साथ ही सड़क का चौड़ीकरण होगा। इसके अतिरिक्त गंदे पानी की निकासी को ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा। समूचे रोड पर भूमिगत बिजली की केबल और इंटरनेट के लिए लाइन डाली जाएंगी। सड़क किनारे फुटपाथ के अलावा ग्रीन जोन, स्ट्रीट लाइटें, सड़कें पर्यावरण के अनुकूल बनाई जानी हैं।
30 हजार की आबादी को होगा फील गुड
नालबंदान-रसूलपुर मार्ग के दोनों ओर करीब 10 प्रमुख मोहल्ले हैं। सड़क पर जाम की वजह से क्षेत्रीय लोगों को खासी परेशानी होती है। स्मार्ट रोड निर्माण के बाद जहां एक ओर क्षेत्र की दशा सुधार होगा । वहीं दूसरी ओर इस सड़क पर प्रतिदिन गुजरने वाले हजारों राहगीरों को फीलगुड का अनुभव होगा।
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महापौर-अफसरों ने किया निरीक्षण-
सीएम ग्रिड योजना के तहत चिह्नित सड़क का मौका मुआयना करने के लिए महापौर कामिनी राठौर एवं मुख्य अभियंता मनीष कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। मौके पर सड़क की माप जोख के साथ ही अतिक्रमणों को भी चिह्नित किया गया।