जसराना। थाना क्षेत्र के ग्राम आसदेवमई नूरपुर में जाली दस्तावेज के सहारे करोड़ों रुपये की सरकारी ऊसर भूमि पर कब्जा करने का मामला सामने आया है। शिकोहाबाद तहसीलदार कोर्ट के कड़े रुख के बाद पुलिस ने तत्कालीन ग्राम प्रधान समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जाली दस्तावेज तैयार करने की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
ग्राम आसदेवमई नूरपुर निवासी रुस्तम सिंह ने बताया कि ग्राम नगला छती निवासी प्रभा उर्फ प्रज्ञा, उसके भाई रामनरेश और तत्कालीन ग्राम प्रधान रामऔतार ने साजिश रचकर गाटा संख्या 30 (सरकारी ऊसर भूमि) पर वर्ष 1997 में फर्जी आवासीय आवंटन (आकार पत्र 49-च) की रसीदें बनवा ली थीं। जांच में रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर न्यायालय तहसीलदार शिकोहाबाद ने बेदखली और अवैध निर्माण हटाने के सख्त आदेश दिए। आरोप है कि रामनरेश, प्रभा उर्फ प्रज्ञा, राजकिशोर, वृजेश कुमार और शैलेंद्र व अन्य ने संगठित गिरोह बनाकर रोड किनारे स्थित 0.040 हेक्टेयर कीमती सरकारी जमीन पर पक्का मकान खड़ा कर लिया था। सीओ प्रेमशंकर पांडेय ने बताया कि मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।