फिरोजाबाद। देहात क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में अब निजी स्त्री रोग विशेषज्ञ गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराएंगी। सर्जन की कमी होने पर शासन ने यह कवायद शुरू की है। विभाग ऐसे चिकित्सकों को ऑपरेशन और परामर्श का शुल्क देगा। अल्ट्रासाउंड के लिए पहले से ही गर्भवतियों को क्यूआर कोड दिए जा रहे हैं।जिले की नौ सीएचसी में अधिकांश पर कई सालों से सर्जन नहीं हैं। ऐसे में ऑपरेशन के लिए सिर्फ मेडिकल कॉलेज ही मरीज रेफर किए जाते हैं। सामान्य ऑपरेशन वाले मरीजों को चिकित्सक रेफर कर देते हैं। लेकिन अस्पतालों में आने वाली गर्भवती महिलाओं की कई बार इससे हालत बिगड़ जाती है। कई बार एंबुलेंस में ही प्रसव होते हैं। इस समस्या से राहत पाने के लिए विभाग ने आपात समय में गर्भवतियों के ऑपरेशन के लिए प्राइवेट चिकित्सकों को सेवा देने के लिए आमंत्रित किया है। इसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थिसिया को अलग-अलग शुल्क दिया जाएगा। उधर, सरकारी अस्पतालों के अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भीड़ अधिक बढ़ जाने के कारण निजी सेंटरों को स्वास्थ्य विभाग ने क्यूआर सुविधा से जोड़ा है। गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों से रसीद दी जाती है। जिनके माध्यम से महिलाएं इन सेंटर पर अल्ट्रासाउंड करा सकती हैं। इसका शुल्क विभाग की वहन कर रहा है।
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इस तरह मिलेगा शुल्क
स्त्री रोग विशेषज्ञों को दिन में ऑपरेशन करने पर दो हजार और एक हजार यात्रा शुल्क देय होगा। रात के समय ऑपरेशन का चार हजार और एक हजार यात्रा किराया देय होगा। प्रत्येक विजिट पर 1500 रुपये अलग से देय होगा। एनेस्थिशिया को दिन में एक हजार और रात में दो हजार का शुल्क देय होगा।
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गर्भवती महिलाओं को नहीं किया जाएगा रेफर
सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन प्रसव हो सकेगा। इसके लिए प्राइवेट चिकित्सकों से सुविधा ली जाएगी। मरीज को कोई शुल्क नहीं देना होगा, बल्कि विभाग ही इसका शुल्क वहन करेगा।
डाॅ. पवन कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी