फिरोजाबाद। बसपा सरकार में बनी कांशीराम कॉलोनी पचवान में गरीबों को मुफ्त आवास मिले। फ्री में विद्युत कनेक्शन भी मिला। अब वहां रहने वाले लोगों ने बिजली बिल जमा न करना हक समझ लिया। पुरानी कॉलोनी में 650 विद्युत कनेक्शन हैं, किसी ने भी 13 साल में एक रुपया जमा नहीं किया है। यह कॉलोनी साढे़ तीन करोड़ से ज्यादा रुपये की कर्जदार है। जलेसर रोड पर कांशीराम कॉलोनी में करीब 750 आवास बने हैं। बसपा सरकार के दौरान वर्ष 2009-10 में लोगों को आवास आवंटित किया गया था। कॉलोनी आवंटित कराने वाले ज्यादातर लोगों ने अपना आवास किराये पर उठा रखा है। कॉलोनी में 650 लोगों के नाम पर बिजली का कनेक्शन है।कनेक्शन लेने के बाद से लोगों ने बिल ही नहीं जमा किया। बिजली विभाग का दावा है कॉलोनी पर साढे़ तीन करोड़ रुपये का बिल बकाया है। विद्युत विभाग तीन बार कनेक्शन काट चुका है। लोगाें द्वारा जाम लगाए जाने के कारण कनेक्शन फिर जोड़ना पड़ा है। सबसे बड़ी बात है कि ओटीएस योजना में इस कॉलोनी से एक भी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है।
आवंटन किसी को, रह रहा कोई और
कॉलोनी में विद्युत विभाग को वसूली करने में सबसे ज्यादा दिक्कत इसलिए आ रही है कि आवास किसी और को आवंटित है। विद्युत कनेक्शन भी उसी उपभोक्ता के नाम है। मगर, उस आवास में कोई और निवास कर रहा है। कई पात्र लोग तो आवास को दूसरे को बेचकर चले गए।
चार पहिया वाहन व हीटर का करते हैं प्रयोग
बिजली विभाग की चेकिंग के दौरान कॉलोनी में एक और चौकाने वाला खुलासा हुआ। ज्यादातर घरों के बाहर चार पहिया, तीन पहिया वाहन खड़े मिले। दो पहिया वाहन तो आम बात है। इसके अलावा कई घरों में खाना पकाने के लिए हीटर का प्रयोग किया जा रहा था, जिससे गैस का खर्चा न आए। इसे लेकर चेकिंग को गए बिजली विभाग के अफसर हैरान रह गए।
- कांशीराम कॉलोनी में जब से आवास लोगों को आवंटित हुआ है तब से किसी ने अभी तक बिजली का बिल नहीं जमा किया। यहां के वाशिंदे जान-बूझकर बिजली का बिल नहीं जमा कर रहे हैं। इसकी रिपोर्ट अफसरों को भेजी गई है। ओटीएस में भी रजिस्ट्रेशन नहीं करा रहे हैं। तीन सौ से ज्यादा इस कॉलोनी में ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन पर एक-एक लाख से ज्यादा कनेक्शन बकाया है। पूर्व में कनेक्शन काटे गए तो क्षेत्रीय लोगों ने जाम लगा दिया था। - कयामुद्दीन, अवर अभियंता