फिरोजाबाद। पर्यावरण के दृष्टिकोण से सर्वाधिक संवेदनशील औद्योगिक आस्थान नगला भाऊ पर संचालित कांच इकाइयों के संचालक पौधरोपण को लेकर कतई संवेदनशील नहीं हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी इकाइयों के बाहर हरित पट्टी बनाने जैसे निर्देश फाइलों में हैं। कारखानों के बाहर हरित पट्टी की जगह अधिकांश सड़कों पर औद्योगिक कचरे के ढेर पौधरोपण अभियान की पोल खोल रहे हैं।
औद्योगिक आस्थानों में सघन पौधरोपण के स्पष्ट निर्देश हैं। एनजीटी ने भी वर्ष 2018 में पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से औद्योगिक आस्थानों में संचालित इकाइयों के बाहर अनिवार्य रूप से हरित पट्टी तैयार कराने के निर्देश जारी किए थे। एनजीटी के निर्देशों के आधार पर ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कांच इकाइयों के बाहर कम से कम सौ पेड़ लगाने की कार्य योजना तैयार की। इस साल भी उद्योग विभाग ने औद्योगिक एरिया में पौधरोपण की पहल की। लेकिन इंडस्ट्रीयल एरिया नगला भाऊ के कारखानेदार पर्यावरण संरक्षण में रूचि नहीं ले रहे हैं।
जहां होनी थी हरियाली वहीं डंप हो रहा औद्योगिक कचरा
इंडस्ट्रीरियल एरिया नगला भाऊ की अधिकांश सड़कों पर कचरे के ढेर लगे हैं। इसके अलावा कारखानों से निकलने वाले औद्योगिक कचरा को भी सड़क सहारे डंप किया जा रहा है।
पिछले साल कारखानों के बाहर पेड़-पौधे लगाए थे। लेकिन सड़क व सर्विस रोड निर्माण के चलते उनमें अधिकांश बर्बाद कर दिए गए। पौधरोपण हमारी प्राथमिकता है। समिति की बैठक बुला कर सभी कारखाना इकाइयों के बाहर पौधरोपण की कार्ययोजना बनाई जाएगी। -बिन्नी मित्तल, अध्यक्ष औद्योगिक सास समिति नगला भाऊ
औद्योगिक आस्थान में सड़क सहारे औद्योगिक कचरा डंप कराना गलत है। सड़कों पर अतिक्रमण जैसे कृत्यों की जांच कराई जाएगी। जिन इकाइयों के बाहर औद्योगिक कचरा मिलेगा। उन पर जुर्माना एवं डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी। -अमरेेश पांडेय, उपायुक्त उद्योग