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Firozabad News: कांच निर्यात पर संकट, 500 करोड़ के ऑर्डर अटके

Thu, 26 Mar 2026 12:11 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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शहर की एक कांच हस्तशिल्प इकाई में तैयार निर्यात योग्य आइटम। संवाद - फोटो : शहर की एक कांच हस्तशिल्प इकाई में तैयार निर्यात योग्य आइटम। संवाद
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फिरोजाबाद। युद्ध के कारण वैश्विक परिस्थितियों और कच्चे माल की कीमतों में उछाल ने जनपद के कांच उद्योग की कमर तोड़ दी है। अंतरराष्ट्रीय मेलों के माध्यम से मिले करोड़ों रुपये के विदेशी ऑर्डरों को पूरा करने में अब निर्यातक हिचक रहे हैं। केमिकल, सोडा ऐश, सिलिका और चांदी के दामों में बढ़ोतरी के कारण कांच उत्पादों की लागत बढ़ गई है, जबकि पुराने ऑर्डरों की दरें पहले ही तय हो चुकी हैं। उद्यमियों का मानना है कि इन दरों पर काम करने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। लगभग 500 करोड़ रुपये के ऑर्डर अब संकट में हैं।
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कांच हस्तशिल्प में प्रयुक्त होने वाले कैडमियम, नाइट्रेट और सिल्वर पॉलिश जैसे रसायनों के दाम बढ़ गए हैं। पिछले छह महीनों में चांदी की कीमतों में आए उछाल और नेचुरल गैस के बढ़ते बिलों ने निर्यातकों की टेंशन बढ़ा दी है।
जर्मनी के फ्रैंकफर्ट मेले, नोएडा के ईपीसीएच और लखनऊ एक्सपोर्ट मार्ट के जरिए मिले लगभग 500 करोड़ रुपये के ऑर्डर अब संकट में हैं। वैश्विक मंदी की आशंका के बीच विदेशी ग्राहक पुरानी दरों को संशोधित करने को तैयार नहीं हैं।
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इन उत्पादों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर
गोल्डन और सिल्वर पॉलिश वाले फ्लावर पॉट, कैंडल स्टैंड, मोजेक आर्ट, किचन वेयर, होटल डेकोरेशन आइटम और हैंगिंग लाइट जैसे फैंसी उत्पादों की लागत बढ़ने से इनका निर्माण अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। हस्तशिल्पी सिंगराज यादव फैंसी लुक देने वाले केमिकल महंगे होने से मुनाफे की जगह नुकसान की आशंका है। कांच हस्तशिल्प निर्यात एसोसिएशन के सचिव सरवर हुसैन का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों के कारण पुरानी दरों पर विदेशी ऑर्डरों की आपूर्ति करना अत्यंत कठिन हो गया है।
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