आम बजट पर सभी की नजर है। गृहणियों को किचन का बजट कम होने की उम्मीद है तो नौकरीपेशा और व्यापारियों को टैक्स में छूट की आस। उद्यमी टैक्स प्रणाली को सरल बनाने की वकालत करते दिखे। किसान चाहते हैं कि खाद-बिजली पानी के साथ सिंचाई के साधन मिलें। दूसरी तरफ आम नागरिक महंगाई के मकड़जाल से निकलना चाहता है।
इन्कम टैक्स के अधिवक्ता कुलदीप मीत्तल कहते हैं कि महंगाई के हिसाब से छूट की लिमिट तीन लाख रुपये की जाए, व्यापारियों के नकद लेन-देन को 20 हजार से बढ़ाएं और एक लाख तक करें। पुराना आयकर अधिनियम काफी कठिन होने के कारण अब डीटीसी (डायरेक्ट टैक्स कोड )अधिनियम को लागू करना चाहिए।
सरकारी कर्मचारी डा. ध्रुव कुमार आचार्य ने कहा इन्कम टैक्स में छूट को पांच लाख करना चाहिए। महंगाई को रोकने के साथ ही पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करें। उन्होंने कहा कि भत्तों में बढ़ोत्तरी की जाए।
व्यापारी नेता रवींद्र लाल तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार करों को कम करे। अलग-अलग प्रदेशों में अलग-अलग टैक्स नहीं होने चाहिए। संपूर्ण देश में राजस्व की बढ़ोत्तरी होने के साथ विकास होगा।
किसान रामवीर सिंह निराला ने कहा कि उपज का उचित मूल्य मिले। सिंचाई की सुविधा देने के साथ बिजली 24 घंटे देने की व्यवस्था करनी चाहिए। आलू एवं मिर्च का उत्पादन काफी अच्छा होने के कारण किसानों को प्रोत्साहित करें।
नरेंद्र शर्मा ने कहा युवाओं को रोजगार के अवसर खोलने चाहिए। गरीबों को उच्च शिक्षा दिलाने की पहल व विदेशों की तरह वेतन की व्यवस्था भारत में होनी चाहिए ताकि बड़ी संख्या में युवाओं का विदेश जाना बंद हो।
केंद्रीय योजनाओं का हाल
- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में गत वर्ष 37.42 करोड़ की धनराशि से 29897 परिवारों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा था। जनवरी तक 22.38 करोड़ खर्च करके 24032 परिवारों को लाभान्वित किया। 9.32 लाख मानव दिवस सृजित किए हैं।
- राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना पार्ट-2 में 271 करोड़ के बजट से जिले के सभी गांव, मजरों, विद्यालय व पंचायत घरों को 100 प्रतिशत रोशन करने का निर्णय लिया है। इस योजना में हजारों बीपीएल उपभोक्ताओं के घर भी रोशन होंगे।
- सुहागनगरी के शहरी क्षेत्र के विद्युत व्यवस्था को हाईटेक बनाने को आरएपी-डीआरपी पार्ट-2 योजना में जिले को केंद्र से 169 करोड़ मिले हैं। इससे शहर में कंट्रोल रूम, सबडिवीजन बनेगा। विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि, लाइनों का सुदृढ़ीकरण के साथ 11 केपिसिटर बैंकों की स्थापना होगी।
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में कुल 931 समूह गठित हुए। 280 समूहों को 15 हजार समूह की दर से 42 लाख रुपये दिलाया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 225 समूहों का गठन कर 50 हजार प्रति समूह की दर से ऋण दिलाने को बैंकों को आवेदन भेजे हैं।
- इंदिरा आवास योजना 1134 लाभार्थियों का चयन किया। लेकिन आवास निर्माण को धनराशि अभी तक नहीं मिली। बताते हैं कि शासन ने बजट तो स्वीकृत कर दिया।
- पीएमजीएसवाई योजना के तहत जिले में अवशेष सात मार्गों की 69.52 किमी लंबाई के निर्माण को 12.33 करोड़ चाहिए। लेकिन 31 जनवरी 2015 तक विभाग को 3.25 करोड़ ही मिल सकी। विभाग को 9.07 करोड़ से अधिक की जरूरत है।