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नरौरा से रोका गया गंगाजल, शहर में गहराएगा पेयजल संकट

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ालगोपालपुर नहर में सफाई के लिए रोका गया गंगाजल। - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। नरौरा बांध से गंगा जल की सप्लाई रोक दी गई है। इसलिए नरौरा बांध से जुड़ी नहरों का जलस्तर भी कम होने लगा है। शहर को झालगोपालपुर नहर से गंगा जल मिल रहा है। तीन-चार दिन में इस नहर का भी जलस्तर करीबन तीन फीट से गिर कर दो या उससे कम हो सकता है। इसके बाद शहर में मिलने वाली गंगा जल की सप्लाई प्रभावित होगी। सिंचाई विभाग नहरों की सफाई करा रहा है इस लिए नरौरा बांध से जुड़ी नहरों में पानी रोका जा रहा है। शहर में आठ नलकूप खराब पडे़ हैं। गंगा जल की सप्लाई बाधित होने पर टंकियों को भरना मुश्किल होगा। शहर के जिन क्षेत्रों में नलकूप खराब पड़े हैं वह क्षेत्र गंगा जल की सप्लाई वाले हैं। गंगाजल न मिलने पर शहर की करीब पांच लाख की आबादी प्रभावित होगी।
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शहर को मिलने वाले गंगा जल की सप्लाई नरौरा बांध से जुड़ी नहरों के माध्यम से फिरोजाबाद तक पहुंचती है। झालगोपालपुर नहर से नंदपुर इंटेक प्लांट पर पानी को साफ करने के साथ ही शहर में सप्लाई दी जाती है। शहर में सप्लाई देने के लिए झालगोपालपुर नहर में पानी का स्तर करीबन तीन फीट रहना चाहिए।
यदि नहर में पानी का जलस्तर तीन फीट से पौने तीन फीट तक रहता है तो सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं आती। ढाई फीट नीचे जलस्तर गिरने पर सप्लाई बाधित होना शुरू हो जाती है। नहर का पानी नंदपुर प्लांट तक नहीं पहुंचता है। यदि सप्लाई दो फीट से घटकर डेढ़ फीट हो जाए तो सप्लाई बाधित हो जाती। इसको लेकर अधिकारियों के अभी से हाथ पैर फूलने लगे है। क्योंकि नरौरा बांध से पानी की सप्लाई बंद होने के बाद निश्चित ही पानी का जलस्तर गिरेगा। पानी का जलस्तर गिरा तो आने वाले दिनों में शहर के लोगों को पानी के संकट का सामना करना पड़ेगा।
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नहरों की सफाई के लिए नरौरा बांध से पानी की सप्लाई रोकी गई है। नहरों को सूखाने के लिए करीबन 10 से 12 दिन का समय लग जाता है। रोस्टर तो एक महीने का है लेकिन उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है कि झालगोपालपुर नहर को किसी तरह पानी मिलता रहे।
अनवर अली - एई सिंचाई विभाग
जलकल विभाग के पास इंतजाम
नलकूपों की संख्या 219 आठ नलकूप खराब आठ
समरर्सिबल की संख्या 657 खराब 10
पानी के टैंकरों की संख्या 33 सभी ठीक
जो नलकूप और समरर्सिबल खराब है उनको एक दो दिन में ठीक करा लिया जाएगा। जिससे गंगा जल की सप्लाई बाधित होने पर शहर के लोगों को पानी की समस्या न झेलनी पड़े। कर्मचारियों को भी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
चंदन सिंह - एक्सईएन जलकल विभाग
सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई है। यदि दो ढाई फीट तक जलस्तर रहा तो पानी की सप्लाई पूरी तरह से बाधित नहीं होने दी जाएगी। डेढ़ फीट पर जलस्तर पहुंचने पर सप्लाई में दिक्कत आएगी।
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राकेश कुमार - अधिशासी अभियंता जल निगम
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