फिरोजाबाद। गेल गैंस कंपनी की ओर से नेचुरल गैस की दरों में 2.24 रुपये प्रति घनमीटर की बढ़ोतरी के बाद उद्यमी रविवार को बैठक करेंगे। संभावना जताई जा रही है कि इस बैठक में उद्यमी कांच हस्तशिल्प उत्पाद और चूड़ी के दाम बढ़ा सकते हैं। अगर, ऐसा हुआ तो चूड़ी कारखानेदार और गोदाम संचालकों के बीच रार फिर छिड़ सकती है। पूर्व में भी दाम बढ़ोतरी को लेकर विवाद हो चुका है।
गेल ने सितंबर के प्रथम पखवाड़े के जारी किए बिलों में नई दरों का उल्लेख किया है। इसमें 45.67 रुपये प्रति घनमीटर दरे पहुंच गई हैं। प्राकृतिक गैस की दरों में पिछले कुछ महीनों से लगातार तेजी देखी जा रही है। मई में जहां गैस की दर 38.10 रुपये प्रति घनमीटर थी, वहीं अगस्त के दूसरे पखवाड़े में यह बढ़कर 43.43 रुपये पहुंच गई। अब सितंबर की शुरुआत में इसमें 2.24 रुपये की और बढ़ोतरी कर दी गई है।
आगामी त्योहारों और सहालग के सीजन को देखते हुए इन दिनों कांच और चूड़ी इकाइयों में उत्पादन तेजी पर है, ऐसे में अचानक बढ़ी दरों ने उद्यमियों की चिंता बढ़ा दी है। कांच उद्यमी बिन्नी मित्तल और संजय जैन घंटू ने बताया कि गैस महंगी होने का सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ रहा है। तैयार माल महंगा होने से बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा। इस गंभीर समस्या से निपटने और उत्पादों की कीमतें बढ़ाने पर रणनीति बनाने के लिए रविवार को कांच उद्यमियों की एक संयुक्त बैठक बुलाई गई है, जिसमें सर्वसम्मति से बड़ा फैसला लिया जा सकता है।