ओखरा के ग्रामीण विवेक प्रताप सिंह, शीशपाल सिंह, शिवकुमार शर्मा, आकाश भारद्वाज, गंगा सिंह, मुन्नालाल राठौर आदि ने प्रधान पर आरोप लगाया कि गांव के विकास के लिए मिले पैसों का सही इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। गांव में न तो सड़कें बनवाई जा रही हैं न ही नालियों का निर्माण कराया जा रहा है। गंदे पानी की निकासी न होने के कारण गांव में चारों ओर गंदगी फैली दिखती है। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पहले आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे लोग कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस पर पुलिस ने हड़काना शुरू किया तो लोगों ने पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख क्षेत्रीय संभ्रांत नागरिक मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने का प्रयास करने लगे। तभी ग्राम प्रधान पति भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जो विकास कार्य अधूरे रह गए है उनको बजट मिलने के बाद जल्द पूरा किया जाएगा। इस दौरान कुशल राना, रनवीर सिंह, अशोक, राजू सिंह, ओमकार कुशवाह, जगदीश सिंह, अंकित सिंह, शेरा जादौन आदि मौजूद थे।