टूंडला। पीपल चौकी स्थित सिंचाई विभाग के पुराने कार्यालय में हुई युवक की हत्या का बृहस्पतिवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। उधार लिए रुपयों के बार-बार तगादा करने पर दोस्त ने ही अपने दो अन्य साथियों दोस्त की हत्या की थी। हत्या करने के बाद हत्यारे उसकी पल्सर बाइक व मोबाइल भी ले गए थे। उसके मोबाइल से 99 हजार रुपये भी निकाले गए। पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से 95 हजार रुपये व बाइक बरामद की है।
टूंडला थाने में एसपी सिटी सर्वेश कुमार मिश्रा ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि रविवार सुबह पीपल चौकी स्थित सिंचाई विभाग के पुराने कार्यालय में एक युवक का शव पड़ा मिला था। उसकी हत्या सिर पर प्रहार करके की गई थी। शव की पहचान मोबाइल टावर पर काम करने वाले टेक्नीशियन धर्मवीर निवासी धर्मपुर थाना पचोखरा के रूप में हुई थी। उसकी हत्या उसके ही गांव के दोस्त दीपक ने अपने साथी भोला उर्फ मुनेश व लहटू उर्फ विष्णु निवासी गांव नौपुरा थाना सादाबाद, हाथरस के साथ मिलकर की थी।
एसपी सिटी ने बताया कि हत्या के खुलासे के लिए गठित तीनों टीमों ने बुधवार देर रात नगला महादेव तिराहे के पास से तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दीपक ने बताया कि वह धर्मवीर के साथ टावर कंपनी में काम करता था। उनके बीच में रुपयों का लेनदेन होता रहता था। पांच महीने पहले उसने धर्मवीर से 60 हजार रुपये उधार लिए थे। इसमें से 30 हजार वापस कर दिए थे। वह मोबाइल से सट्टा खेलता है, जिसमें वह करीब दो लाख रुपये हार गया था। इससे वह धर्मवीर के पैसे नहीं दे पा रहा था। धर्मवीर उस पर पैसे देने को लगातार दबाव बना रहा था तथा गाली-गलौज करता था। तब उसने उसकी हत्या की योजना बना डाली तथा 29 जून की शाम उसने अपने दोस्त भोला और लहटू को भी रुपयों का लालच देकर योजना में शामिल कर लिया।
उसने घटना वाले दिन शाम को बनकट पहुंचकर एक ऑमलेट विक्रेता के मोबाइल से कॉल कर धर्मवीर को टोल प्लाजा के पास पीपल चौकी पर रुपये देने एवं बीयर पीने के बहाने बुला लिया। जाजपुर स्थित बीयर के ठेका से 20 बीयर खरीदी। सभी ने मिलकर नहर विभाग के कार्यालय में बैठकर बीयर पी और नशा होने पर उसका गमछे से उसका गला घोंट दिया। जिंदा न रह जाए इसके लिए सिर पर ईंट से प्रहार किए। घटना के बाद तीनों वहां से उसका मोबाइल व पल्सर बाइक लेकर भाग गए थे। पुलिस ने हत्यारोपियों के पास से एक गमछा, दो ग्लब्स, मोबाइल, 95 हजार रुपये, धर्मवीर की बाइक व घटना में प्रयुक्त हत्यारोपियों की बाइक बरामद की हैं।
क्राइम पेट्रोल देखकर रची थी हत्या की साजिश
मुख्य हत्यारोपी दीपक ने बताया कि उसने धर्मवीर की हत्या की योजना क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर की बनाई थी। उसे विश्वास था कि वह कभी पकड़ में नहीं आएगा। पुलिस से बचने को उसने अपना मोबाइल घर पर ही छोड़ दिया था। फिंगर प्रिंट न आएं, इसलिए ग्लब्स का प्रयोग किया।
रुपये न दे पाने पर कही बात से खौल गया था खून
धर्मवीर के हत्यारोपी दोस्त दीपक ने बताया कि वह कर्जे में था, फिर भी उसे उधार लिए आधे रुपये वापस दे दिए थे। लेकिन बाकी रुपये न दे पाने पर धर्मवीर ने रुपयों के बदले मां और बहन को लेकर अभद्र बातें कहीं। इससे उसका खून खौल गया और तब उसने हत्या की योजना बनाई।
हत्या में शामिल साथियों को मृतक के मोबाइल से दिए थे रुपये
हत्यारोपी दीपक ने बताया कि धर्मवीर हत्या में शामिल किए साथियों ने जब उससे उनके फायदे के बारे में पूछा तब उसने धर्मवीर के मोबाइल का कोड व यूपीआई पासवर्ड पता होने एवं पांच, छह लाख रुपए होने की बात बताई। इतना ही नहीं हत्या के बाद उसने उसके जनसेवा केंद्र पर जाकर उसके खाते से 99 हजार रुपये निकाल लिए और साथियों को दे दिए थे।
आमलेट विक्रेता के मोबाइल से हुआ घटना का खुलासा
टूंडला। याेजना के मुताबिक दीपक ने धर्मवीर को बुलाने के लिए एक आमलेट विक्रेता का मोबाइल प्रयोग में लिया था। पुलिस पकड़ में आए इसके लिए अपना मोबाइल घर छोड़ दिया था। पुलिस ने जब धर्मवीर के मोबाइल की डिटेल निकलवाई तो उक्त नंबर के व्यक्ति की तलाश की गई। इसक साथ ही उक्त व्यक्ति आमलेट विक्रेता ने उसके मोबाइल से फोन करने वाले दीपक की पहचान कर दी। पुलिस ने उसे पकड़ की पूछताछ की तो उसने पूरा कहानी वयां कर दी।
हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस टीम होगी पुरस्कृत
टूंडला। एसपी सिटी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि घटना का खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर अनुज कुमार, इंस्पेक्टर क्राइम कृष्ण स्वरूप पाल, सर्विलांस प्रभारी अमित कुमार, उप निरीक्षक विवेक सिंह, मुकुल त्यागी, अंकित जादौन, हेड कांस्टेबल दिलीप कुमार, सुशील, हरवेंद्र सिंह, भवतोष कुमार, जितेंद्र सिंह आदि को पुरस्कृत किया जाएगा।