फिरोजाबाद। अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट इफराक़ अहमद ने सात वर्ष पुराने मामले में अनुसूचित जाति के व्यक्ति की पिटाई, गाली गलौज व धमकी देने में दोषी तीन सगे भाइयों सहित पांच को चार-चार वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर नौ-नौ हजार का अर्थदंड लगाया है। नहीं देने पर पांच-पांच माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। आधी धनराशि पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं। घटनाक्रम थाना शिकोहाबाद के ग्राम डाहिनी का 13 दिसंबर 2016 का है। वादी दिन में 11 बजे घर से दुकान पर जा रहा था। रास्ते में राजू ने अपने मकान के सामने रोकने के साथ जातिसूचक गाली गलौज की। पास खड़े शुभकेश, चन्द्रवेश, रिषीकेश तथा प्रदीप ने जाति सूचक गाली गलौज किए जाने के साथ लात घूसों से पिटाई की थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर विवेचना उपरांत सभी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। मुकदमा सुनवाई को अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट इफराक अहमद की न्यायालय में हुई।
शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह सोलंकी ने केस को साबित करने के लिए हाईकोर्ट व सुप्रीमकोर्ट के कई उदाहरण को न्यायालय के समक्ष रखे। अपर जिला जज इफराक अहमद ने फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर सजा सुनाई है।