फिरोजाबाद। विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री अशोक यादव को मारपीट, लूटपाट के मामले में साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए हैं। पूर्व मंत्री के खिलाफ 2021 में हुए जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के दौरान मारपीट एवं लूटपाट करने का मुकदमा थाना नगला खंगर में दर्ज कराया गया था।
घटनाक्रम 22 अप्रैल 2021 का थाना नगला खंगर क्षेत्र का है। थाना नगला खंगर के नगला गुलाल निवासी सपना यादव ने थाने में दी तहरीर में कहा कि वह गांव से उरावर की ओर जा रही थी। इसी दौरान विजेंद्र सिंह यादव की गाड़ी काफी तेज रफ्तार के साथ निकल गई थी। इसके बाद पूर्व मंत्री अशोक यादव का काफिला आया। आरोप लगाया था कि काफिला रुकने के साथ ही पूर्व मंत्री ने आठ बाउंसरों के साथ उतरे और विजेंद्र सिंह यादव को वोट देने से इन्कार करने पर मारपीट, गाली गलौज की। अभद्रता करने के साथ पिता के पास रखे 18 हजार से अधिक की नकदी आदि को छीनने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने अभियोग दर्ज करने के साथ ही मामले की जांच पड़ताल करने के साथ ही आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। मामला मामला सेशन के सुपुर्द होकर सुनवाई को विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए कोर्ट अम्बरीश त्रिपाठी के न्यायालय में पहुंचा। इस दौरान छह गवाहों की पेशी की गई।
मंत्री की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ एडवोकेट ने उनका पक्ष प्रभावी ढंग से रखा। उन्होंने साफ कहा कि पीड़िता की ओर से जो आरोप लगाए गए हैं वह बेबुनियाद हैं। विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए कोर्ट अम्बरीश त्रिपाठी ने गवाहों के बयान अथवा घटना के संबंध में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने के कारण पूर्व मंत्री अशोक यादव को बरी करने के आदेश दिए हैं।